भोपाल: भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का हाथ थामने वाले भाजपा विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ठगे महसूस कर रहे हैं "न उन्हें खुदा ही मिला न विसाले सनम"। लगभग डेढ़ महीने पहले उन्हों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। रघुवंशी शिवपुरी से टिकट मांग रहे थे। उनका टिकट तय भी माना जा रहा था, लेकिन पहली ही सूची में पिछोर विधायक केपी सिंह को शिवपुरी से प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद रघुवंशी समर्थकों ने भोपाल में विरोध जताया। इस पर पीसीसी चीफ ने उनको जाकरपूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ने की बात कही। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद दिग्विजय सिंह और कमलनाथ में नोंकझोंक भी देखने को मिली। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शिवपुरी से टिकट बदलकर वीरेंद्र रघुवंशी को प्रत्याशी बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब वीरेंद्र रघुवंशी अपने समाज के लोगों के साथ बैठकर कर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।

वहीं निवाड़ी सीट पर कुछ माह पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाली रोशनी यादव दावेदारी कर रही थी। रोशनी यादव पूर्व राज्यपाल रामनरेश की पौत्र वधू हैं। उनको ही कांग्रेस की तरफ से प्रमुख प्रत्याशी माना जा रहा था। यहां से कांग्रेस ने अमित राय को टिकट दिया है। रोशन यादव ने कहा कि जिले के पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा लिख दिया है। अब शीर्ष नेतृत्व के सामने बात रखी जाएगी। पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जो पार्टी का सदस्य भी नहीं है। निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर रोशनी यादव ने कहा कि अभी हम इस बारे में विचार नहीं कर रहे। पहले अपनी बात रखेंगे।
विरोध के बाद पार्टी ने तीन सीटों पर प्रत्याशी बदले हैं। अब सिर्फ बैतूल जिले की आमला सीट पर पेंच फंसा है। यहां पर पार्टी डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के इस्तीफे को लेकर कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। सरकार ने बांगरे का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। टिकट की आस में भाजपा छोड़कर आने वाले वीरेंद्र रघुवंशी और निवाड़ी में रोशनी यादव का पार्टी ने टिकट नहीं दिया।