राजधानी भोपाल के बिलाबोंग स्कूल बस में छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में फैसला सुना दिया गया है। मामले में चालक व परिचारक दोनों को दोषी पाया गया, मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को दोनों की सजा भी मुकर्रर कर दी।
अदालत ने सोमवार 12 दिसंबर को दोनों आरोपियों को सजा सुनाई। आरोपी ड्राइवर हनुमंत जाटव को उम्रकैद और केयरटेकर उर्मिला साहू को 20 साल की सज़ा सुनाई गई है। कोर्ट ने इस मामले में शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य आरोपी बस चालक हनुमंत जाटव व महिला परिचारक उर्मिला साहू को दोषी करार दिया था।
पुलिस ने 29 सितंबर को 242 पेज का चालान पेश किया। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को पूरी हो गई थी। बस चालक हनुमंत जाटव पर आठ सितंबर को बच्ची से दुष्कर्म करने का आरोप था। जिसमें बस में मौजूद महिला अटेंडेंट उर्मिला साहू ने भी बच्ची को नहीं बचाया।
इस मामले में छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी। लेकिन स्कूल ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और स्कूल प्रबंधन ने ड्राइवर को क्लीन चिट भी दे दी थी। जिसके बाद पुलिस ने बच्ची के माता-पिता की शिकायत पर 12 सितंबर को मामला दर्ज किया था।
आरोपी ड्राइवर और केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया गया था । इस मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नाराजगी जताई थी। जिसके बाद स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदरसिंह परमार के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक जांच कमेटी भी गठित की थी।
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) में चल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 29 सितंबर को 20 दिन में 242 पेज का चालान पेश किया था। इसी मामले में एक अन्य स्कूली छात्रा के अभिभावक भी कोर्ट पहुंचे थे और अपना बयान दर्ज कराया था। इस मामले में कुल 32 लोगों की गवाही के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है। पीड़िता की ओर से विशेष लोक अभियोजन अधिकारी मनीषा पटेल ने शनिवार को न्यायालय में उसके पक्ष में समापन तर्क प्रस्तुत किये थे, जिसके बाद आज सोमवार को आरोपियों को सज़ा सुनाई गई।