लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता खत्म होने में 5 दिन से भी कम समय बचा है। आचार संहिता हटते ही एमपी में मोहन सरकार की अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हैरानी की बात यह है कि पहले के सरकारी आदेशों के बावजूद मप्र के भोपाल शहर और आसपास के इलाकों में महज डेढ़ साल में 250 नई अवैध कॉलोनियां बस गई हैं।

आपको बता दें कि एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद अब सभी अधिकारियों ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। राजस्व विभाग और नगर पालिका ने इनकी सूची तैयार कर ली है। अब उन्हें नोटिस भेजने के आदेश दिए जा रहे हैं। शुरुआत में 20 कॉलोनियों में नोटिस भेजे जाने हैं, नोटिस पर अमल की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी।

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के मुताबिक जल्द से जल्द आदेश तैयार कर लिया जाएगा। वे उन्हें भेजना शुरू कर देंगे। इसके लिए कॉलोनी डेवलपर को एक निश्चित समय दिया जाएगा। यदि संचालक कॉलोनी से संबंधित आवश्यक अनुमतियां जैसे कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन, डायवर्जन, टीएंडसीपी, रेरा सहित अन्य सभी अनुमतियां जमा कर दे तो वह कार्रवाई से बच सकता है। 

लेकिन यदि कॉलोनी का विकासकर्ता कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है तो सरकार कॉलोनी का अधिग्रहण कर लेगी। राज्य सरकार की जमीन पर नियम विरुद्ध विकसित की गई कॉलोनियों को पहले नोटिस भेजा जाएगा, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर के मुताबिक शहरी क्षेत्र में विकसित हुई कॉलोनियों पर नगर पालिका की राजस्व टीम कार्रवाई करेगी। जबकि ग्रामीण इलाकों में जिला प्रशासन की राजस्व टीम प्रक्रिया पूरी करेगी. सबसे पहले कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसके बाद यहां प्लॉट की नीलामी की जाएगी। लोगों से विकास शुल्क लेकर बंदोबस्ती को नियमित किया जायेगा।

भोपाल जिला प्रशासन के रिकॉर्ड में 576 अवैध कॉलोनियां हैं। जिनमें से 321 कॉलोनियों को नियमित कर दिया गया है। 255 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा की थी।

वहीं नई सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना ​​है कि कॉलोनी के अवैध निर्माण से सरकार और जनता को नुकसान हुआ है। ऐसे में इन्हें वैध बनाना उचित नहीं है।