भोपाल: राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मप्र लोक आयोग के 5 जून 2026 के बाद लागू होने वाले एवं मप्र कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं के 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नये नियम जारी कर दिये हैं। लोक सेवा आयोग की राज्य संवर्ग की द्वितीय वर्ग एवं कार्यपालिक तृतीय वर्ग भर्ती परीक्षा के नये नियमों में प्रावधान किया गया है कि यदि उम्मीदवार परीक्षा के पूर्व किसी भी रीति से प्रश्न-पत्र अभिप्राप्त करता है या उसके लिये प्रयास करता है तो आयोग उम्मीदवार को निर्हर ठहराकर उसे चयन से विवर्जित कर सकेगा और उसके खिलाफ आपराधिक अभियोजन भी दर्ज करा सकेगा। आयोग तीन स्तर पर भर्ती परीक्षायें आयोजित करेगा जिसमें पहली प्रारंभिक परीक्षा होगी जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जायेंगे जबकि इसमें उत्तीण होने पर लिखित वर्णात्मक मुख्य परीक्षा होगी तथा इसमें भी उत्तीर्ण होने पर चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार में भाग लेना होगा।
अभ्यर्थियों का अंतिम चयन परिणाम मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के योग के आधार पर किया जायेगा। नये भर्ती नियम में यह भी कहा गया है कि परीक्षा में सफल होने मात्र से किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति का अधिकार प्राप्त नहीं होगा तथा राज्य शासन पदों की रिक्तियों की अनुपलब्धता या अन्य कारणों से नियुक्ति से अस्वीकार भी कर सकता है। ये नियम आगामी 5 जून 2026 के बाद लागू किये जायेंगे।
इसी प्रकार, कर्मचारी चयन मंडल के नये कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियमों में कहा गया है कि तीन स्तर पर पदों के अनुसार, संयुक्त तकनीकी अर्हता परीक्षा, संयुक्त सामान्य अर्हता परीक्षा एवं शिक्षक अर्हता परीक्षा का आयोग किया जायेगा इसमें प्राप्त अंकों को प्रतिशत के रुप में स्कोर कार्ड के जरिये जारी किया जायेगा। इस वार्षिक परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त करने पर अभ्यर्थी की पात्रता निरस्त कर दी जायेगी। चयन सूची जारी न होने तक अभ्यर्थी को नियुक्ति का अधिकार नहीं होगा। ये भर्ती नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किये जायेंगे।