भोपाल: अब प्रदेश के पुलिस थानों के मालखाने में जब्त सिंथेटिक/चायनिज नायलॉन मांझे को लम्बे समय तक नहीं रखा जा सकेगा तथा इसे खुले में नहीं जलाया जा सकेगा बल्कि इसे खतरनाक अपशिष्ट मानते हुये इण्डस्ट्रियल इंसीनरेटर या सीमेंट किल्न अथवा अधिकृत प्लास्टिक पुनर्चक्रण संयंत्र में राज्य प्रदूषण बोर्ड के विशेषज्ञ की सिफारिशों का पालन करते हुये विनष्टीकरण करना होगा। 

ये नवीन निर्देश पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने डीजीपी कैलाश मकवाणा के अनुमोदन पर सभी पुलिस इकाई प्रमुखों को जारी किये हैं। राज्य के गृह विभाग की सचिव कृष्णावेणी देशावतु ने डीजीपी को निर्देश जारी कर कहा है कि चायनीज मांझे के विभिन्न ई-कामर्स प्लेटफार्म तथा अन्य माध्यमों से ऑनलाईन विक्रय/विज्ञापन आदि गतिविधियों को प्रतिबंधित करते हुये ई-कामर्स प्लेटफार्म तथा वेबसाईटों की पहचान कर उनके विरुध्द कार्यवाही की जाये। इसके अलावा, परिवहन विभाग को भी निर्देश दिये गये हैं कि वह चायनीज नायलॉन मांझा पर रोक एवं वाहन की जांच में यह सामग्री पाये जाने पर ट्रासंपोर्ट एजेंसी का लायसेंस/परमिट निरस्त करे तथा पुलिस अवैध भण्डारण पर कार्यवाही करे।