मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसके बाद अब सभी को चुनाव को नतीजों का इंतज़ार है। चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। इसी बीच चुनाव नतीजों से पहले ही मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक 28 नवंबर को मध्य प्रदेश सरकार 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। इसके बाद सरकार का इस साल का अब तक कर्ज़ 38 हजार 500 करोड़ रुपये हो जाएगा।
मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने लोन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक राज्य सरकार 28 नवंबर को 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेगी यह कर्ज 14 साल के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह कर्ज नई सरकार के गठन के खर्चों के लिए और मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के भुगतान के लिए लिया जा रहा है।
आपको बता दें 31 मार्च 2022 तक मध्य प्रदेश सरकार का कुल सार्वजनिक ऋण 2.95 लाख करोड़ रुपये था। जो कि 31 मार्च 2023 तक कुल कर्ज 3 लाख 31 हजार 651 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बजट अनुमान (वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए) के अनुसार, यह आंकड़ा बढ़कर रु. 3.85 लाख करोड़ का अनुमान है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार कई बार कर्ज ले चुकी है। 9 अक्टूबर को चुनाव की घोषणा होते ही मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने अक्टूबर महीने में 4 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। जबकि सितंबर महीने में सरकार ने 4500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।