कांग्रेस पार्टी टिकट बंटवारे के बाद नाराज नेताओं को मनाने की पूरी कोशिश कर रही है। नाराज नेताओं को कांग्रेस संगठन में पद देकर डैमेज कंट्रोल के प्रयास में है। इसके तहत ही पूर्व एसडीएम निशा बांगरे की चुनाव लड़ने की प्लानिंग फेल होने पर कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। निशा बांगरे को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।
निशा बांगरे आमला से चुनाव लड़ना चाह रही थीं। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद कांग्रेस से टिकट न देने पर उनकी नाराज़गी भी सामने आई थी। लेकिन पीसीसी चीफ कमलनाथ से मुलाकात के बाद निशा बांगरे ने अपना मन बदल लिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं।
कमलनाथ ने तब संकेत दिया था कि निशा बांगरे को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाने का ऐलान कर दिया है। निशा ने आमला सीट से चुनाव लड़ने की बात कही थी। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर माना जा रहा था कि निशा बांगरे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ सकती हैं लेकिन कमलनाथ से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना इरादा बदल दिया।