मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को वोटिंग हुई थी। इसके बाद चुनाव परिणामों का इंतज़ार किया जा रहा है। आने वाली 3 तारीख को प्रदेश में मतों की गिनती के साथ ही प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सकेगा। अभी तक तो यही कहा जा रहा है, कि प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। 

इसी बीच चुआन नतीजों को लेकर सट्टा बाज़ार में भी काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। सट्टा बाजार के मुताबिक मध्य प्रदेश में बीजेपी को 115-117 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस को 114-116 सीटें मिल सकती हैं। सट्टेबाजों ने दावा किया है कि बीजेपी को बहुमत मिलेगा यानी इन दावों के मुताबिक बीजेपी मध्य प्रदेश में सरकार बना सकती है।

लेकिन सोशल मीडिया पर सट्टा बाज़ारों की ओर से पहले के कई प्रदेशों के चुनावों के समय किए गए दावों का भी उल्लेख किया जा रहा है। जिसके हिसाब से शीर्ष 3 चुनाव की डिटेल वायरल हो रही है। जब सट्टा बाज़ार बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ था। 

सटोरियों ने 2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में  बीजेपी को  43 सीटें दी थीं, लेकिन बीजेपी मात्र 15 सीटें ही जीत सकी थी। इसी तरह 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार ने बीजेपी को दी 66 सीटें दीं  लेकिन उसे जीत सिर्फ 40 सीटों पर ही मिल सकी।

 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार गलत साबित हुआ था। सट्टा बाजार ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 140 सीटें देते हुए सरकार बनाने का दावा किया था, लेकिन बीजेपी ने सिर्फ 77 सीटें ही जीत पाईं थी और ममता बनर्जी ने सत्ता में  शानदार वापसी की थी।

चुनावी नतीजों को लेकर सट्टा बाज़ार केअनुमानों पर सियासी दलों के साथ आमजन की भी निगाह होती है। सट्टा बाज़ार के दांवों के आधार पर लोग बड़े दांव भी लगाते हैं और राजनीतिक दल भी कई उम्मीदों को संजो लेते हैं। अब सट्टा बाज़ार का दावा मध्यप्रदेश समेत पांच राज्चुयों के चुनाव के लिए कितना सही साबित होते हैं ये तो  तीन दिसंबर को ही पता चलेगा।