मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. शुक्रवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमल नाथ के राम मंदिर का ताला खोलने वाले बयान पर कड़ा प्रहार किया।
ओवैसी ने कहा, ''कांग्रेस पार्टी ने 1992 में कहा था कि वह बाबरी मस्जिद बनाएगी, लेकिन क्या हुआ? ये सब झूठ है। कांग्रेस और बीजेपी में कोई अंतर नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कमल नाथ के बयान का जिक्र करते हुए कहा, '1986 में आपकी पार्टी सरकार में थी और बूटा सिंह मंत्री थे। मुझे उम्मीद है कि देश की जनता देखेगी कि कमल नाथ ने क्या कहा है। अगर आप कांग्रेस पार्टी का चेहरा देखना चाहते हैं तो 1969 के अहमदाबाद दंगों को याद करें। अब इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि कमल नाथ राजीव गांधी को कैसे श्रेय दे रहे हैं? मंदिर हिंदुओं का है, हमने भी कभी श्रेय नहीं लिया।' हम सिर्फ लोगों को साथ लेकर चलेंगे, हमने कभी श्रेय नहीं लिया।' कांग्रेस कैसे श्रेय ले सकती है? ओवैसी ने कहा- 'कमलनाथ ने साबित कर दिया कि बाबरी मस्जिद गिराने में कांग्रेस ने भी वही भूमिका निभाई जो बीजेपी और आरएसएस ने निभाई थी। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही हिंदुत्व की विचारधारा पर काम करती हैं। अब हमें उम्मीद है कि पीएम मोदी जनवरी में जब आप इस कार्यक्रम में जाएं तो राहुल गांधी को अपने साथ ले जाएं, राम-श्याम की जोड़ी खूब चलेगी।
दरअसल, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व सीएम कमल नाथ ने एक अखबार से बातचीत में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, इतिहास मत भूलिए राजीव गांधी ने खुलवाए थे बाबरी मस्जिद के ताले। बीजेपी राम मंदिर का श्रेय नहीं ले सकती। राम मंदिर किसी पार्टी का नहीं है। बीजेपी राम मंदिर को अपनी संपत्ति मानती है। राम मंदिर पूरे देश का है। बीजेपी सरकार में है, थोड़ा अपने पैसे से बनाया बाकी सरकारी पैसे से बना है।