मध्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लागू 'एक शाला-एक परिसर' का मॉडल अब देश के सभी राज्यों में लागू होगा। नीति आयोग ने मध्य प्रदेश का स्कूल मर्जर मॉडल देश भर में लागू करने की सिफारिश की है।

'एक शाला-एक परिसर' मॉडल के तहत स्कूलों का मर्जर किया जाता है। मॉडल के तहत एक किलोमीटर के दायरे में जितने स्कूल होते हैं, उनका मर्जर करके एक स्कूल बनाया जाता है। जिससे शिक्षकों की कमी भी पूरी होती है, वहीं एक ही स्कूल में छात्रों को अच्छी शिक्षा मिलती है।

नीति आयोग का मानना है कि इस मॉडल से देशभर में शिक्षकों की कमी पूरी होगी, जबकि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरेगी। यही वजह है कि नीति आयोग ने यह सिफारिश अब देशभर में लागू करने की बात कही है।

इस मॉडल के तहत उन्ही स्कूलों का मर्जर किया जाता है, जिनमें 50 से कम छात्र होते हैं। अब तक मध्य प्रदेश में  35 हजार स्कूलों को 16 हजार स्कूलों में मिलाया गया है। मॉडल सफल साबित होने के बाद अब मध्य प्रदेश ने 53 हजार 651 स्कूलों को एक परिसर वाले स्कूलों का 24 हजार 667 में विलय करने की योजना भी बनाई है।