पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए हैं। सदन में उनका निर्वाचन निर्विरोध हुआ। दिमनी विधानसभा सीट से जीत कर सदन पहुंचे तोमर ग्वालियर चंबल इलाके से पहले और मप्र विधानसभा के 15वें अध्यक्ष हैं।
सदन में कैलाश विजयवर्गीय ने नरेंद्र सिंह तोमर को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने किया। कांग्रेस विधायक राजेंद्र कुमार सिंह ने भी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन कांग्रेस विधायक दल के उप नेता हेमंत कटारे ने किया।
निर्वाचन उपरांत नरेंद्र सिंह तोमर को सदन के नेता नरेंद्र डॉक्टर मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार उन्हें आसंदी तक लेकर आए। सदन के नेता डॉक्टर मोहन यादव ने बधाई देते हुए कहा कि हमने सर्वसम्मति से निर्वाचन संपन्न कराया है। तोमर जी का व्यक्तित्व ऐसा है जो सर्वमान्य है। लंबे राजनीतिक जीवनकाल रहा है। नगर निगम में पार्षद से लेकर केंद्रीय मंत्री तक काम करने का अनुभव है।
इधर विधानसभा के सत्र के दौरान नये नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया है कि विस के उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की परंपरा फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य सभी भी उपाध्यक्ष पद के लिए परंपरा निभाने को तैयार नजर आ रहे हैं।
ज्ञात हो कि कांग्रेस विधायक दल ने यह पद विपक्ष को देने की मांग की थी। सिंघार का कहना है कि हमने सकारात्मक शुरुआत की है तथा अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से चयन की बात कही है अब हमें उम्मीद है कि उपाध्यक्ष पद हमको ही मिलेगा तथा इसी सत्र में उपाध्यक्ष के लिये नामांकन दाखिल होगा।