विधानसभा चुनाव के बाद और मतगणना के पहले अब सियासी तैयारियों का काउंटडाउन अंतिम दौर में चल रहा है। मप्र में भाजपा और कांग्रेस तमाम संभावित विकल्पों और तकनीकों पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में डटे हैं और आज भी कुछ नेताओं से उनकी चर्चा है। उधर मप्र कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ भोपाल से लंबे समय से बाहर हैं और कल लौट रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के भीतर उनके निर्देशों पर कुछ तैयारियों का दौर दौरा है। उधर छत्तीसगढ़ में तो दोनों दलों ने चार्टर विमान तक जुटा लिये हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर विधायकों को 'सुरक्षित' लाया ले जाया सके। 

दरअसल मप्र में कांग्रेस और भाजपा के अंदरखानों में बहुमत के दावे किये जा रहे हैं। दोनों का विश्वास है कि जनता स्पष्ट जनादेश के साथ सरकार का चुनाव कर रही है। हालांकि सूत्रों की मानें तो दोनों ही दलों की नजर निर्दलीय या अन्य दलों के उम्मीदवारों पर भी है। जबकि छत्तीसगढ में मुकाबला कांटे का नजर आ रहा है। दोनों ही पार्टियां अपने बहुमत का दावा जरूर कर रही हैं, लेकिन उन्हें इस बात का डर भी सता रहा है कि जीत का आंकड़ा अगर बहुमत के आसपास पहुंचकर अटका तो विधायकों को तोड़ने की रणनीति ना अपना ली जाए। 

खबरों के मुताबिक ऐसे में अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्होंने अभी से तीन चार्टर प्लेन बुक कर रखे हैं। ताकि किसी ऐसी स्थिति के बनने पर वे उन्हें संपर्क से दूर रखने के लिए यहां से तुरंत रवाना कर सकें। छग में कांग्रेस जहां अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी में है, वहीं भाजपा दिल्ली भेजेगी। उसके पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां सरकार बनाने की रणनीति पर काम करने में जुटी हुई हैं। 

सूत्रों के अनुसार दोनों ही पार्टियों के हाईकमान की तरफ से निर्देश हैं कि मतगणना के दिन सभी प्रत्याशियों पर कड़ी नजर रखी जाए। माना जा रहा है कि मतगणना के आखिरी चरण में तस्वीर लगभग साफ होने के बाद कांग्रेस व भाजपा के मुख्यालयों से छत्तीसगढ़ के प्रभारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश मिलेंगे। हालांकि चार्टर प्लेन की बुकिंग पर दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता इस संबंध में अधिकृत बयान देने से बच रहे हैं।