छतरपुर की एसडीएम निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार हो चुका है। इस्तीफ़े को स्वीकार किये जाने के बाद निशा बांगरे की कांग्रेस से उम्मीदवारी को लेकर अटकलों का दौर अभी भी लगातार जारी है। इस बीच निशा ने अमला सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। साथ ही कांग्रेस को भी दो टूक सुना दी है।
सोशल मीडिया पर निशा ने लिखा कि सभी के सवाल है कि आप किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी ? मैं बताना चाहूंगी कि मुझे कांग्रेस द्वारा आश्वासन दिया गया था कि अंतिम 2 दिनों तक आपके इस्तीफे का इंतजार किया जायेगा। अब आज कांग्रेस की परीक्षा की घड़ी है। कांग्रेस बताए कि मेरे संघर्ष में भाजपा को दलित और महिला विरोधी ठहराने वाली खुद दलितों और महिलाओं की कितनी पक्षधर है?
निशा ने आगे लिखा कि मैं आज कमलनाथ जी से मिलना चाहूंगी। वो अपना स्टैंड क्लियर करें। चुनाव तो आमला सारणी की जनता मेरे चेहरे पर लड़ेंगी ही। परिणाम कुछ भी हो, फर्क नहीं पड़ता। इससे पहले निशा ने साफ़ किया था कि वे बुधवार गुरुवार या शुक्रवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।
इधर राजनीति के गलियारे में निशा बांगरे का इस्तीफा मंज़ूर होने के बाद हलचल है। कांग्रेस पहले ही आमला सीट पर मनोज मालवे को उम्मीदवार बना चुकी है। अब निशा बांगरे के मामले पर विवाद बढ़ते देख ये कहा जा रहा है, कि कांग्रेस यहां से उम्मीदवार बदल भी सकती है। इसे लेकर अमला सीट पर कांग्रेस की ओर से टिकट पाने वाले मनोज मालवे का कहना है कि पार्टी का जो भी फैसला होगा मंजूर होगा।
माना जा रहा था कि बांगरे आमला विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस भी इसके लिए निशा बांगरे का इस्तीफा स्वीकार होने का इंतजार कर रही थी लेकिन नामांकन में देरी और कम दिन बचे होने के कारण कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी। अब इसके बाद निशा बांगरे के सियासी भविष्य के साथ कांग्रेस के कदम पर भी निगाह टिक गई है।