कोतवाली स्थित कफ्यूर्वाली माता मंदिर के सामने से 1 और 8 साल की मासूम बच्चियों का अपहरण करने वाली महिलाओं का 48 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा है। आरोपी महिलाएं बच्चियों को कन्याभोज के बहाने अपने साथ लेकर गई थी। कुछ दूर पैदल जाने के बाद महिलाएं बैट्री वाले आटो में बैठकर निकल गई। पुलिस को मिले फुटेज के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक मूलतः रतलाम निवासी मुकेश आदिवासी कुछ समय पहले मजदूरी के लिए भोपाल आए थे। परिवार में पत्नी लक्ष्मी के अलावा चार बच्चे हैं। परिवार लालघाटी स्थित अंडर ब्रिज के पास फुटपाथ पर रहता है। मुकेश मजदूरी करने जाता है, जबकि उसकी पत्नी पिछले कुछ दिनों से कफ्यूर्वाली माता मंदिर के सामने बच्चों को लेकर बैठती थी। यहां उन्हें प्रसाद, पैसे और भोजन मिल जाया करता था। 

शनिवार सुबह लक्ष्मी अपनी 8 साल की बेटी काजल और 11 महीने की बेटी दीपावली को लेकर मंदिर के सामने बैठी हुई थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे एक महिला लक्ष्मी के पास पहुंची और कहने लगी कि उसे कन्याभोज कराना है। उसका घर पास में ही है, कुछ देर में बच्चियों को वापस छोड़ देगी। महिला पर भरोसा करते हुए लक्ष्मी ने छोटी बच्ची उसकी गोद में दे दी, जबकि बड़ी बच्ची की अंगूली पकड़कर महिला साथ ले गई।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई दो महिलाएं
बताया जाता है कि पुलिस ने जब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो दो महिलाएं दिखीं एक महिला काले रंग का सलवार सूट पहने थी, जबकि दूसरी महिला जींस और काले रंग की टीशर्ट के साथ ही सिर पर सफेद रंग की टोपी लगाए थी। सलवार सूट वाली महिला लक्ष्मी के पास बच्चियों को लेने के लिए पहुंची थी। दोनों महिलाओं की लोकेशन रेतघाट तक मिली थी, उसके बाद वह गायब हो गईं। रविवार सुबह संदेह के आधार पर पुलिस ने टीटी नगर इलाके में दो-तीन स्थानों पर सचिंग की, लेकिन बच्चियों का कुछ पता नहीं चल सका। अभी भी पुलिस की तलाश सरगर्मी से जारी है।

शाम तक बच्चियां नहीं लौटीं तो पुलिस को दी सूचना
लक्ष्मी की दोनों बच्चियां शाम तक वापस नहीं लौटी तो उसने पति मुकेश को सूचना दी। आसपास तलाश करने के बाद भी जब बच्चियों का कुछ पता नहीं चला तो मुकेश ने कोतवाली थाने पहुंचकर बच्चियों बच्चियों की तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच समेत करीब आधा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दर्जन अलग-अलग टीमें लगाई गई, लेकिन करीब 48 घंटे की मशक्कत के बाद भी दोनों बच्चियों और उनका अपहरण कर ले जाने वाली महिलाओं का कुछ पता नहीं चला।