भोपाल: राज्य सरकार ने विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जनजाति बस्तियों में सामुदायिक/मंगल भवन बनाने के लिये दी जाने वाली धनराशि में 11 साल बाद वृध्दि कर दी है। इसके लिये नियमों में संशोधन कर दिया गया है। पहले यह राशि निर्धारित ले-आउट के अनुसार अधिकतम 10 लाख रुपये दी जाती थी परन्तु अब इसमें वृध्दि कर राशि अधिकतम 20 लाख रुपये कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि उक्त जनजातियों के विकास के लिये ऐसी जनजाति बाहुल्य ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों की बस्तियों एवं डेरों के विकास तथा उनमें मूलभूत सुविधाओं संबंधी आवश्यक्ताओं की पूर्ति के लिये वर्ष 2013 में मप्र विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ जनजाति बस्ती विकास नियम बनाये गये थे। वर्तमान में सामुदायिक भवनों की लागत में वृध्दि होने के कारण उक्त धनराशि में यह वृध्दि की गई है।