विधानसभा चुनाव के लिए अब भाजपा और कांग्रेस के साथ ही बसपा, सपा और आप के प्रत्याशियों की सूचियों के आने के बाद नामांकन का सोमवार को आख़िरी दिन है। जहाँ सभी पार्टियों में नामांकन का दौर ख़त्म होने को है वहीं असदउद्दीन औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम की पार्टी के लिए नामांकन तो दूर एक भी प्रत्याशी घोषित नहीं हुआ। इसे लेकर सियासी चर्चाये जोतों पर हैं।

औवेसी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही प्रदेश की सियासी नब्ज टटोल चुके थे। प्रदेश में करीब 30 सीटें ऐसी हैं जहां औवेसी सियासी समीकरण बना-बिगाड़ सकते हैं। इन सीटों पर औवेसी द्वारा सर्वे भी कराए जाने की बात सामने आई थी लेकिन नामांकन शुरू होने तक उनकी पार्टी के एक भी उम्मीदवार की घोषणा न होने से सियासी पंडित अचरज में हैं। 

भोपाल की दो सीटों समेत प्रदेश की 30 सीटों पर मुस्लिम वोट निर्णायक हैं। इन सीटों पर मुस्लिम वोटर्स की संख्या 30 हजार से भी ज्यादा है।  इन सीटों पर औवेसी के कैंडिडेट गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।

ऐसे बदल सकते गणित

ग्वालियर साउथ सीट पर कांग्रेस के प्रवीण पाठक महज 121 वोटों से चुनाव जीते थे। यहां 38000 से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं। वहीं जबलपुर उत्तर में कांग्रेस के विनय सक्सेना महज 578 वोटों से चुनाव जीते थे। इस सीट पर 32000 से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं।

इस सीटों पर निर्णायक

भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, नरेला, ग्वालियर साउथ,जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर, छिंदवाड़ा,परासिया, शाजापुर, कालापीपल, बुरहानपुर, इंदौर क्र.1, राऊ, खरगोन, ग्वालियर, जैतपुर,  सिवनी, सिरोंज, आष्टा, नरसिंहगढ़, खंडवा, धार, इंदौर 4, इंदौर-5, महू, सांवेर, जावरा, मंदसौर, उज्जैन उत्तर, रतलाम सिटी।