मतगणना के पहले राजनीतिक दल मप्र में अपनी गणना की कवायद कर रहे हैं। इस दौर में कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों को 26 नवंबर को भोपाल बुलाया है। बताया जाता है कि इन उम्मीदवारों को मतगणना संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा चुनाव के दौरान की घटनाओं व मतगणना के ट्रेंड पर भी जानकारी ली जाएगी। 

उधर भाजपा ने भी आकलन का सिलसिला चला रखा है। अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कई नेताओं से मुलाकात की है। हालांकि भाजपा की नजरें उन सीटों पर भी हैं जहां उसने दिग्गजों को उतारकर राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की थी। इनमें सात सांसद व एक राष्ट्रीय महासचिव को चुनाव लड़ाया गया था।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि भाजपा के 'कट्टों' की जगह ' तोपों' को उतारने के पीछे स्पष्ट चुनावी रणनीति थी, पार्टी को लगता था कि ये बड़े चेहरे न केवल अपनी बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र में गुटबाजी और असंतोष को समाप्त कर भाजपा को प्रभावी बढ़त दिलाने में भी सफल रहेंगे। इसके अलावा, खास बात यह भी है कि भाजपा हाइकमान ने विधानसभा चुनाव लड़ाकर इन नेताओं की राजनैतिक जमीन और लोकप्रियता परखने का भी प्रयास किया है ताकि लोकसभा चुनाव की रणनीति इनके नतीजे के आधार पर बन सके। 

इन सभी को अलग अलग अंचल में परोक्ष तौर पर भावी सीएम के तौर पर भी प्रचारित होने दिया गया। इनमें सिर्फ नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश विजयवर्गीय ही ऐसे नेता रहे जो अपना चुनाव क्षेत्र छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में भी प्रचार करने जा सके। जबकि राकेश सिंह, गणेश सिंह, उदयप्रताप सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते और रीती पाठक को अपने ही क्षेत्रों में केंद्रित रहे, क्योंकि यहां उनके सामने विभिन्न समीकरणों के चलते चुनौती सख्त रही।

शिवराज आज फिर राजस्थान में

उधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज राजस्थान में आखिरी दिन के चुनाव प्रचार पर हैं। वे उदयपुर बांसवाड़ा, कोटा में चुनाव सभा ले रहे हैं। राजस्थान मे आज प्रचार का आखिरी दिन होने से पीएम मोदी, राहुल गांधी समेत दोनों दलों के बड़े नेताओं के सघन दौरे हैं।

कांग्रेस ने मंगाई चुनाव की जानकारी

बताया जाता है कि कांग्रेस अपने उन सात नेताओं से चुनाव की रिपोर्ट तैयार करा रही है, जिन्होंने जन आक्रोश यात्रा की अगुआई की थी। पार्टी ने सभी नेताओं से कहा है कि वे यात्रा के दौरान जहां-जहां गए थे, वहां की ताजा जानकारी संगठन को दें। चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, अजय सिंह, कमलेश्वर पटेल और जीतू पटवारी की अगुआई में अलग-अलग अंचल में यात्रा निकाली गई थी।