राजधानी में अब गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है इसके चलते सुबह और शामें ठंडी होने लगी हैं। हवा का रुख उत्तरी होने के कारण अब तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी मौसम में बनी उतार- चढ़ाव की स्थिति अब जल्द खत्म हो जाएगी।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि दशहरा के बाद प्रदेश का मौसम बदला दिखेगा और ठंड का असर बढ़ता जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर भारत क्षेत्र में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे बढ़ रहा है। इससे दशहरा के बाद रात के तापमान में गिरावट होने के आसार है।
उत्तरी हवा के चलते प्रदेश के सभी जिलों का न्यूनतम तापमान गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। मंडला जिले में 14.5 डिग्री सेल्सियस, रीवा में 14.5, उमरिया में 13.9, मलाजखंड में 14.3, छिंदवाड़ा में 15.8, रायसेन में 15.8, जबलपुर में 15.3, बैतूल में 16.2, ग्वालियर में 16.4, भोपाल में 17, इंदौर में 19.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
ठंडी होगी नवंबर की शुरुआत
वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से नवंबर के पहले सप्ताह से तेज ठंड पड़नी शुरू हो जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में तीन सिस्टम सक्रिय होने के कारण उत्तरी हवा थम गई है। जम्मू-कश्मीर में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, साथ ही अरब सागर में एक तेज चक्रवात और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इनका असर आने वाले समय में नजर आएगा।