भोपाल: राज्य के वनों में निजी क्षेत्र के माध्यम से वृक्षारोपण कराके कार्बन क्रेडिट लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये गुडग़ांव की एक निजी कंपनी ने दिलचस्पी दिखाई थी परन्तु मंत्रालय के बड़े अफसरों की बेरुखी से यह कंपनी अपना प्रेजेन्टेशन देने नहीं आई।

दरअसल स्कीम बनाई गई है कि वन विभाग अपने वन क्षेत्र में करीब दस हैक्टेयर क्षेत्र को पायलट प्रोजेक्ट के तहत निजी क्षेत्र को वृक्षारोपण हेतु दे तथा बदले में यह निजी कंपनी हर साल प्रति हैक्टेयर के सिाब से करीब 80 लाख रुपये की कार्बन क्रेडिट प्रदान करे। बदले में यह कंपनी वृक्षारोपण में करीब चार करोड़ रुपयों का व्यय करेगी तथा इस वृक्षारोपण की तकनीकी रुप से देखभाल भी करेगी। लेकिन निजी कंपनी पर आरोप लगाये गये हैं कि वह जितना कार्बन क्रेडिट राज्य के वन विभाग को देगी उससे कई गुना अधिक क्रेडिट वह अपने पास रखेगी। इसी कारण से यह कंपनी मंत्रालय में अपना प्रेजेन्टेशन देने नहीं आई।

उल्लेखनीय है कि राज्य के वन मंत्री विजय शाह ने पिछले बजट सत्र में घोषणा की थी कि कान्हा टाइगर रिजर्व तथा पेंच टाइगर रिजर्व के कार्यों तथा बांस मिशन के वृक्षारोपणों को कार्बन क्रेडिट प्रदान करवाने के लिए परियोजना तैयार की जा रही है। इसी घोषणा के अनुपालन में कार्बन क्रेडिट प्राप्त करने के लिये उक्त स्कीम तैयार की गई है।