मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उमंग मेले का योजन किया जा रहा है। नाबार्ड 22 से 31 दिसंबर तक भोपाल हाट परिसर में राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी-सह-बिक्री 'उमंग 5.0' का आयोजन कर रहा है, जिसका उद्देश्य महिला स्व सहायता समूहों, कारीगरों और किसान उत्पादक संगठनों द्वारा तैयार उत्पादों को बेचना है।

इससे विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को अपने उत्पाद बेचने, मार्केट को समझने और डिमांड के हिसाब से प्रोडक्ट विकसित करने में मदद मिलेगी। वे स्थायी आजीविका प्राप्त करने में सफल होंगे। आपको बता दें कि यह आयोजन हर साल किया जाता है।

प्रदर्शनी में करीब 100 स्टॉल लगाए जाएंगे। जिसमें मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, त्रिपुरा, गुजरात सहित देश के 20 राज्यों के कारीगर और निर्माता अपने उत्पादों चंदेरी साड़ी, माहेश्वरी रेशम, बैग प्रिंट, पोचमपल्ली, पश्मीना शॉल, बांस उत्पाद, भुना हुआ भोजन के साथ शामिल होंगे। इस बार जीआई प्रमाणित उत्पादों के लिए भी अलग से मंडप बनाया जा रहा है।

मंडला की गोंड पेंटिंग, ग्वालियर की हाथ से बनी कालीन, सीहोर का शरबती गेहूं, जबलपुर की पत्थर शिल्प, बालाघाट की हथकरघा साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट ड्रेस मटीरियल आदि कई उत्पाद मेले का आकर्षण होंगे। प्रदर्शनी में "कृषि उमंग" मंडप किसान उत्पादक संगठनों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा, साथ ही प्रतिदिन विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

भोपाल के सभी निवासी इस प्रदर्शनी-सह-बिक्री उमंग 5.0 में निःशुल्क प्रवेश ले सकते हैं और विभिन्न राज्यों के उत्पादों को देखकर और खरीदकर 'मेड इन इंडिया' की अवधारणा का समर्थन कर सकते हैं।