मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने विधानसभा उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर दी है। इसके बाद से ही पार्टी में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। कांग्रेस की 144 लोगो की पहली सूची जारी होने के बाद पार्टी में घमासान जारी है। साथ ही इस्तीफ़ों का दौर भी जारी है। कांग्रेस के अंदर ही खरगापुर , ग्वालियर , छत्तरपुर , नारियावली , पवई , उज्जैन उत्तर , नागौद , दतिया , धार , आलोट , इंदौर क्षेत्र क्र. 4 , सुवासरा से विरोध के स्वर उठ रहे हैं।
वहीं टिकटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद भोपाल पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि 4000 लोगों को तो मैं टिकट दे नहीं सकता टिकट तो किसी एक को ही मिलती है।मुझे उम्मीद है नाराज लोग अंत में कांग्रेस का साथ देंगे।
इधर जोबट से पूर्व विधायक स्व.कलावती भूरिया के भतीजे दीपक भूरिया ने इस्तीफ़ा दिया है। वहीं सीधी के संगठन प्रभारी ब्रजभूषण शुक्ल ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय सिंह यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक और नागौद के पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ बसपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद यादवेंद्र सिंह ने कहा कि मैं लंबे समय तक कांग्रेस में था और सवाल उठाता था और मेरे साथ ऐसा किया गया। मुझे टिकट नहीं दिया गया। इसीलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है। ' उन्होंने कांग्रेस नेता अजय सिंह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में कहा था कि अगर संभाग में उम्मीदवारों का चयन ठीक से हो तो संभाग की 30 में से 24 सीटें संभाग में आएंगी। यादवेंद्र सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस का सच्चा उम्मीदवार हूं, इसके बावजूद मेरे साथ ऐसा हुआ।