संसद की सुरक्षा में चूक के बाद से 142 सांसदों के निलंबन का विरोध अब दिल्ली से भोपाल तक पहुँच गया है। भोपाल में शुक्रवार को कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप लागते हुए प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद जीतू पटवारी के नेतृत्व में यह पहला प्रदर्शन था।
विरोध प्रदर्शन में शामिल जीतू पटवारी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे हमले भी बोले। जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र का अनुसरण पूरी दुनिया करती है। सत्ता और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। विधानसभा और लोकसभा मंदिर है लेकिन मोदी सरकार ने जनप्रतिनिधि की ताकत को कमजोर कर दिया है।
पटवारी ने आगे कहा कि मुझे भी पिछले सत्र में निलंबित कर दिया गया था। यह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो और क्या है? आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे है। ईवीएम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जो देश ईवीएम का ईजाद किये वह ईवीएम को छोड़ चुके हैं। दलबदल कानून का अब कोई मतलब नहीं है।
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए पटवारी ने कहा कि दोनों नेता अपनी ही पार्टी में तानाशाही चला रहे हैं। मुख्यमंत्री के चयन तक में विधायकों से राय नहीं ली गयी। आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलने का यह दुष्चक्र है।
धरने में शामिल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी लाडली बहनों को 3 हजार रुपये क्यों नहीं दे रही है? साथ ही उन्होंने चेताया कि धान की खरीदी अगर जनवरी में 3100 सौ रुपये में नहीं हुई तो कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरेगा।