मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के तीसरे दिन की शुरुआत खेरदा से हुई। वहीं दूसरे दिन राहुल गांधी का आदिवासी नायक टंटया भील की जन्मस्थली पर जाकर संघ को घेरने पर विवाद शुरू हो गया है। 
 
आदिवासी नायक टंटया भील की जन्मस्थली पर दिए गए संबोधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इतिहास के ज्ञान पर सवाल उठाया है। पंधाना से बीजेपी विधायक राम दांगोरे ने राहुल गांधी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए दो टूक कहा कि हम तुमको इसीलिए पप्पू कहते हैं, तुम वास्तव में पप्पू कहलाने लायक हो।

भाजपा विधायक ने कहा कि क्रांतिकारी टंट्या मामा की फांसी और RSS को लेकर राहुल गांधी को अपनी बात कहने से पहले ये जान लेना चाहिए कि क्रांतिकारी टंट्या मामा को अंग्रेजों ने 4 दिसंबर 1890 को फांसी दी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना करने वाले केशव बलिराम हेडगेवार ने का जन्म ही 1 अप्रैल 1889 हुआ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाने से पहले इतिहास में दर्ज़ तारीख तो पता कर लेते।

गौरतलब है कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को आदिवासी जननायक टंट्या मामा की जन्मस्थली बड़ौदा अहीर पर पहुंचे थे। यहाँ उन्होंने कहा था कि किअंग्रेज जब टंट्या मामा जैसे आदिवासी नायकों को फांसी पर लटका रहे थे, तब RSS उनके साथ खड़ा था। राहुल गांधी ने कहा था कि आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार मध्यप्रदेश में हो रहे हैं। हम ऐसा ऐसा प्रदेश नहीं चाहते जहाँ आदिवासियों पर अत्याचार होता हो। हमें आदिवासियों को इज्जत और रक्षा देने वाला प्रदेश चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदिवासियों को वनवासी कहने पर भी राहुल गांधी ने सवाल उठाये थे।