मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार बागियों को मनाने के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। हालांकि कई लोग समझाने के बाद मैदान से हट गए तो कई अभी भी डटे हुए हैं। आज नामांकन पत्र वापसी के बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि बागी कौन-कौन सी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और अपना नामांकन वापस लेने पर सहमत नहीं हो रहे हैं।

इसी बीच महू विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतर सिंह दरबार ने भी विरोध का बिगुल बजा दिया है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। महू के पूर्व विधायक नेता अंतर सिंह दरबार निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

कांग्रेस ने उनकी जगह राम किशोर शुक्ला को टिकट दिया है, लेकिन दरबार के चुनाव लड़ॉने की घोषणा के बाद कांग्रेस उम्मीदवार के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी, क्योंकि दरबार पूर्व विधायक हैं और उनका अपने क्षेत्र में अच्छा प्रभाव भी है। दरबार का मुकाबला बीजेपी की उषा ठाकुर और बीजेपी छोड़कर पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस के रामकिशोर शुक्ला से होगा।

अब देखना यह है कि दरबार के चुनाव लड़ने की घोषणा  करने के बाद महू में क्या समीकरण बैठता है। यहां मुक़ाबला त्रिकोणीय के साथ-साथ दिलचस्प होता नज़र आ रहा है।