विधानसभा चुनावों के लिए दूसरी सूची जारी करने के बाद कांग्रेस में असंतोष के स्वर बुलंद हो रहे हैं। मालवा की सीटों पर भी घोषित प्रत्याशियों का विरोध शुरू हो चुका है। इंदौर जिले की महू विधानसभा सीट पर भी प्रत्याशी घोषित होने के बाद कांग्रेस की मुश्किल बढ़ती दिख रही है।
महू सीट से 2018 में चुनाव लड़ चुके अंतरसिंह दरबार का टिकट कटना इसका कारण बताया जा रहा है।अंतर सिंह दरबार के स्थान पर पार्टी ने दूसरी लिस्ट में रामकिशोर शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। नाम का ऐलान होते ही रामकिशोर शुक्ला का विरोध शुरू हो गया है।
रामकिशोर शुक्ला के टिकट के विरोध में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अंतर सिंह दरबार के घर पहुंचे हैं। अंतर सिंह दरबार अब इस सीट पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का मन बना रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो इस सीट पर कांग्रेस की संभावनाओं पर पलीता लग सकता है।
पिछले विधानसभा चुनाव में अंतर सिंह दरबार ने ऊषा ठाकुर को कड़ी टक्कर दी थी। ऐसे में यह कहा जा रहा था कि अंतर सिंह को कांग्रेस एक बार फिर मौका दे सकती है। ऐसा न होने के बाद अब अंतर सिंह दरबार के अगले कदम पर सियासी पंडितों की निगाह टिकी हुई है।