मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। जिन नेताओं को टिकट मिलें हैं वे खुश है और जमकर चुनाव प्रचाकर कर रहे हैं। लेकिन जिनकी टिकटें काट दी गई हैं। उनको साधने में पार्टियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। कोई इधर तो उधर चला ही जा रहा है।

ताजा मामला कांग्रेस के कदादवर नेता प्रेमचंद गुड्डू से जुड़ा है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर गुड्डू ने कांग्रेस से बगावत कर दी है। साथ ही रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र से उम्मीदवार के तौर पर निर्दलीय ही पर्चा भर कर चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है। 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस नेता कमल नाथ और दिग्विजय सिंह पर राज्य में टिकट वितरण में गड़बड़ी का भी आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकट वितरण में कई अनियमितताएं की गईं। इस कदम के बाद स्थानीय कांग्रेस प्रत्याशी की मुश्किल बढ़ती जा रही है। इसके अलावा उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

पत्र में गुड्डु ने लिखा, 'मैंने मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अलॉट विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांगा। मैं पहले भी इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुका हूं. इसके साथ ही मैं उज्जैन संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रहा हूं। यह विधानसभा क्षेत्र भी इसी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। कांग्रेस द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट भी मेरे फेवर में थी। 

हालाँकि, कांग्रेस ने पट्ठा वाद के कारण मुझे टिकट नहीं दिया। इस स्थिति से निराश होकर मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफे की घोषणा की। प्रेमचंद गुड्डू 2 बार के विधायक और 1 बार सांसद रह चुके हैं। आपको बता दें, कि गुड्डू एक बार पहले भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं।