नई दिल्ली में स्थानीय निकाय एमसीडी चुनाव का मामला अंतिम दौर में है तो मप्र के नये मुख्य सचिव का मामला भी 'फाइनल राउंड' में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज दोनों मोर्चों को साधने के लिये दिल्ली में है। वे दिल्ली में रोहिणी, शांती नगर, सरस्वती विहार व शालीमार बाग में भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इसके पहले उन्होंने मुख्य सचिव के मामले में भी 'महत्वपूर्ण लोगों' से बातचीत की है। हालांकि इसे लेकर उनका प्रधानमंत्री से मुलाकात का कोई कार्यक्रम नहीं है। चूंकि मौजूदा मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का कार्यकाल दो दिन बाद 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है, लिहाजा नए मुख्य सचिव को लेकर नाम तय करने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
अभी अनुराग जैन समेत चार नाम चर्चा में जरूर हैं लेकिन बैंस का कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना भी बनी हुई है। अगर बैंस का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाता है तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अनुराग जैन के साथ ही संजय बंदोपाध्याय, अजय तिर्की समेत मप्र में पदस्थ वीरा राणा, मोहम्मद सुलेमान के नाम भी हैं। इन सभी के लिए पीएमओ की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
पहले से तैयार है प्लान-बी !
सूत्रों का कहना है कि अनुराग जैन ने महीने भर पहले भोपाल आकर मुख्यमंत्री से चर्चा की थी, इसके पहले दिल्ली में भी उनकी कई चर्चा हुई। वे मप्र आने से पहले काफी 'सतर्क' बताए जा रहे हैं क्योंकि पीएमओ में रह चुके जैन के पास केंद्र सरकार में अभी भी कुछ महत्वपूर्ण टास्क हैं और इधर मप्र में ग्यारह महीने बाद विस चुनाव भी हैं। इसलिये माना जा रहा है कि जैन की 'इच्छा' ही सबसे महत्वपूर्ण होगी।
इसलिये शाम तक उनके नाम पर सस्पेंस बरकरार रहेगा। इधर बैंस मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार हैं। एक सूत्र की मानें तो सीएम शिवराज ने अनुराग जैन के मप्र नहीं आने की स्थिति में प्लान - बी भी तैयार कर रखा है और इस बाबद वे पहले भी केंद्र से चर्चा कर 'जमीन' तैयार कर चुके हैं। नये सीएस को कुछ दिन पहले ओएसडी बनाने की 'परंपरा' नहीं निभाने से भी कई चौंकानी वाली संभावना को बल मिला है।