मध्यप्रदेश में सरकार के बदलने के साथ ही अब पूर्व सीएम हो चुके शिवराज सिंह चौहान 74 बंगला क्षेत्र के अपने सरकारी आवास में शिफ्ट होने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि वह इस सप्ताह ही सीएम हाउस छोड़ देंगे। बताया जाता है कि उन्होंने चौहत्तर बंगले स्थित मुख्यमंत्री एनेक्सी पहुंचकर तमाम व्यवस्थाएं देखी हैं। 

वहीं नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसी महीने सीएम हाउस में रहने पहुंच सकते हैं। उनके लिये पालिटेक्निक के समीप वाले विश्राम गृह को भी आरक्षित किया गया है। उन्होंने रात्रि विश्राम वीआइपी विश्रामगृह में किया था। उधर, शिवराज मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने अपने - अपने सरकारी वाहन स्टेट गैराज को लौटा दिए हैं, जिन्हें अब नए मंत्रियों को आवंटित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मप्र के मुख्यमंत्री के लिए श्यामला हिल्स में आवास है। डॉ. मोहन यादव को यहां पहुंचने में अभी समय लग सकता है। इसके पहले शिवराज सिंह चौहान यहां से चौहत्तर बंगले स्थित बी- आठ आवास में रहने जाएंगे। यह आवास उन्हें करीब बीस साल पहले सांसद रहते आवंटित हुआ था। 2018 में विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद वह यहीं रहे थे। लोक निर्माण विभाग ने इसमें आवश्यकता के अनुसार काम भी कराया है। वहीं राज्य के नए मंत्रियों के लिए गृह विभाग ने विधानसभा चुनाव हारने वाले और चुनाव न लड़ने वाले मंत्रियों को आवंटित आवासों की सूची तैयार कर ली है। इसे मंत्रिमंडल के गठन के बाद अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। इस बार भाजपा ने यशोधरा राजे सिंधिया और ओपीएस भदौरिया को चुनाव नहीं लड़ाया था। उधर, नए मंत्रियों के लिए गृह विभाग ने वाहनों की व्यवस्था भी कर ली है। शिवराज मंत्रिमंडल के जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने स्टेट गैराज को वाहन लौटा दिए।

ये मंत्री चुनाव हारे

डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, अरविंद भदौरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सुरेश धाकड़, रामखेलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, भारत सिंह कुशवाह, राम किशोर कावरे और प्रेम सिंह पटेल। जानकार बताते हैं कि अब मुख्यमंत्री पर निर्भर होगा कि इनके आवास पर क्या फैसला होगा। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की पंद्रह महीने की सरकार में मिश्रा समेत कुछ नेता बतौर विधायक अपना मंत्रीस्तर वाला आवास बचाने में कामयाब रहे थे।