तीन राज्यों में जोरदार बहुमत के साथ सत्ता में लौटी भाजपा के भीतर अब तीन चेहरों को मुख्यमंत्री के बतौर 'चुनने' की कवायद शुरू हो गई है। इन राज्यों में कौन बनेगा सीएम अब सबसे बड़ी उत्सुकता है। औपचारिक तौर पर इसे कल तक तय किया जा सकता है। वहीं जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा मुख्यमंत्री का चुनाव चार पांच महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत करेगी तथा किसी भी किस्म के 'जोखिम' से भरसक बचने की कोशिश भी करेगी। आज शाम को भाजपा के शीर्ष नेताओं की एक बैठक भी होने वाली है। इसमें तीन राज्यों में सीएम के लिए चर्चा होगी। मप्र में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार चल ही रही है, इस बार भी कमान उन्हीं के हाथ दिये जाने के आसार हैं। इसकी वजह मप्र में भाजपा को प्रचंड बहुमत है। यह अंदरखाने भाजपा नेतृत्व की उम्मीदों से ज्यादा कहा जा रहा है। राजस्थान व छत्तीसगढ़ में चेहरा चुनने की कवायद ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

रूटीन यथावत ... भाजपा की जोरदार चुनावी जीत और व्यस्त चुनाव कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने प्रतिदिन पौधारोपण के क्रम में आज श्यामला हिल्स स्थित उद्यान में नीम, जामुन और अमरूद के पौधे रोपे।

मप्र में मलमास से पहले बनेगी सरकार
इस माह 16 दिसंबर से मलमास की शुरुआत हो रही है, ऐसे में इससे पहले सीएम और मंत्रियों को शपथ ग्रहण करना होगा। मप्र की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। मलमास में सभी मांगलिक कार्य रूक जाएंगे। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा के लिए सीएम पद के लिए चेहरा तय जल्द ही शपथ ग्रहण हो सकता है। हालांकि कयासों में शिवराज सिंह चौहान के बाद नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की भी चर्चा चल रही है।

वसुंधरा के अलावा 3 नाम, दो को बुलायाः राजस्थान में वसुंधरा राजे सिधिया, सीपी जोशी के अलावा भी विकल्पों पर विचार होगा। केंद्र की पसंद दलित नेता और केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल माने जा रहे हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत और बाबा बालकनाथ का नाम भी इस लिस्ट में ऊपर है। हालांकि खबरें हैं कि जीत के बाद केंद्र ने केंद्रीय मंत्री शेखावत को दिल्ली तलब किया है। साथ ही बाबा बालकनाथ को भी पार्टी हाईकमान ने मिलने बुलाया है।