मध्य प्रदेश के उज्जैन में पति और जेठ की गोली मारकर हत्या के बाद पिस्टल लेकर थाने पहुँचने वाली महिला से पूछताछ में जो कहानी सामने आई है उस पर सवाल उठ रहे हैं। महिला ने हत्या के पीछे जमीनी और पारिवारिक विवाद को कारण बताया है। वहीं मृतकों के परिजनों ने दोहरे हत्याकांड पर सवाल उठाए हैं।
इस इस दोहरे हत्याकांड पर परिजनों ने दुसरे पहलुओं को भी उजागर किया है। मृतक के पिता और आरोपी महिला के ससुर का कहना है कि जमीन का बंटवारा पहले ही दोनों भाइयों दिनेश और राधेश्याम के बीच हो चुका था, फिर विवाद क्यों हुआ? आखिर घर में पिस्तौल कहां से आई? इन सभी मामलों की गहराई से जांच होनी चाहिए और आरोपी बहू को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी सविता (35) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं।
दूसरी ओरआरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि उसका जेठ दिनेश फोरलेन हाईवे पर उसकी 5 करोड़ रुपये की जमीन हड़पना चाहता था। जिसके चलते पति राधेश्याम को नशा कराता था। जेठ के बहकावे में आकर उसका पति उसे रोजाना पीटता था। इससे परेशान आकर उसने दोनों की हत्या कर दी। महिला उसने अपनी दो बेटियों और एक बेटे के भविष्य के लिए यह अपराध किया।
महिला के मुताबिक़ सोमवार सुबह उसका पति उसके साथ गाली-गलौज कर रहा था, जिससे गुस्से में आकर उसने बिस्तर के नीचे से पिस्तौल निकाल ली। पहले जेठ को गोली मारी और फिर पति की हत्या कर दी। महिला ने दावा किया है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह रोज-रोज की पिटाई और हिंसा से तंग आ गई थी।
हत्या के बाद महिला ने पुलिस स्टेशन जाकर अपराध में इस्तेमाल पिस्तौल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी महिला ने यह कहते हुए सरेंडर कर दिया कि उसने अपने पति और जेठ को मार दिया है, दोनों के शव उठा लें। हाथ में पिस्तौल थामे महिला के मुंह से जैसे ही पुलिसवालों ने ये शब्द सुने, वे अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए।
यह घटना उज्जैन जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर इंगोरिया गांव की है। मृतकों की पहचान आरोपी सविता के पति राधेश्याम (41) और उसके जेठ दिनेश (47) के रूप में हुई है। इंगोरिया पुलिस थाने के प्रभारी चंद्रिका सिंह यादव ने बताया कि राधेश्याम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिनेश की गोली लगने से बड़नगर अस्पताल में मौत हो गई।