भोपाल: प्रदेश के 40 जिलों जिनमें हरदा, सिवनी, सिंगरौली, सागर, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, शहडोल, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, मुरैना, मण्डला, भोपाल, भिण्ड, विदिशा, बैतूल, बालाघाट, बड़वानी, पन्ना, नीमच, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, धार, खरगौन, गुना, खण्डवा, कटनी, उमरिया, उज्जैन, अनूपपुर, देवास, दतिया, डिण्डौरी, टीकमगढ़, झाबुआ, जबलपुर, छिन्दवाड़ा, छतरपुर एवं ग्वालियर शामिल हैं इन के 10 हजार 855 ग्रामों में पीएचई विभाग की जल जीवन मिशन योजना अन्तर्गत ग्रामीण नल जल योजनायें क्रियान्वित नहीं हो पा रही हैं।
इसका कारण यह है कि इन ग्रामों में पर्याप्त क्षमता यानि 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराने वाले जलस्रोत उपलब्ध नहीं हैं।
इस समस्या को निपटने के लिये पीएचई विभाग ने जल संसाधन विभाग से मदद मांगी है तथा उससे कहा है कि वह लघु सिंचाई योजना के तहत बनाये तालाबों की जानकारी उनमें मौजूद जल की मात्रा सहित उपलब्ध करायें। यह जानकारी आने पर वह इन शेष बचे ग्रामों में नल जल योजना स्वीकृत करने की कार्यवाही करेगा।