मध्यप्रदेश के गुना में बुधवार देर शाम डंपर से टकराने के बाद एक यात्री बस में आग लग गई। जिसमें 12 लोग जिंदा जल गये। साथ ही डंपर के ड्राइवर की भी मौत हो गई। इस तरह इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है।करीब 16 लोग बुरी तरह से झुलस गये। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शव इतनी बुरी तरह से झुलस गए, कि उनकी पहचान करनी भी मुश्किल है। परिवार वाले भी उन्हें पहचान नहीं सके। बताया जा रहा है, कि DNA के आधार पर ही मृतकों की पहचान की जा सकेगी। गुना जिला अस्पताल में शवों का पोस्टमॉर्टम शुरू कर दिया गया है।
यात्री बस MP08 P 0199 रामप्रताप सिंह सिकरवार के नाम पर रजिस्टर्ड थी। बस के कागजात भी पूरे न होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बस के अंदर ज्वलनशील पदार्थ भी रखा हुआ था जिसमें आग लगने से बस बुरी तरह से जल गई। फिलहाल घायलों के लिए राहत कार्य जारी है।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी हादसे को लेकर दुख व्यक्त करते हुए जांच की मांग उठाई है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा-गुना से आरोन जाने वाली बस में दुखद घटना होने के समाचार प्राप्त हुए हैं। अभी तक 13 से ज्यादा लोग मारे गए हैं व 15 बुरी तरह जल गए। ऐसी जानकारी मिली है यह बस बिना परमिट के बिना फिटनेस के चल रही थी इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए और दोषियों पर सख़्त कार्यवाही होना चाहिए।
इधर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गुना पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। हादसा बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। बस गुना से हारोन जा रही थी तभी सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। टक्कर के बाद बस पलट गई और उसमें आग लग गई। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया जा सका।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बस न तो पंजीकृत थी और न ही उसका बीमा था। फिटनेस सर्टिफिकेट भी खत्म हो चुका था। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव उठाने के दौरान भी हाथ-पैर टूट रहे थे। कुल 13 शव मिले। बस के अंदर से जो नौ शव बरामद किए गए, उनमें से सात एक साथ चिपके हुए थे। इन्हें बाहर निकालते समय स्टाफ के हाथ कांप रहे थे।
बस में आरोन की रहने वाली 5 महिलाएं भी थीं। यात्री निशा ओझा ने बताया कि हम 6 क्राइम कोर्ट से आरोन जा रहे थे। । ये सभी मारपीट के केस में गुना जेल में बंद थीं। बुधवार शाम 6 बजे जमानत मिलने पर लौट रही थीं। विनीता ओझा ने बताया कि उनके अलावा सविता, गौरा बाई, निशा और संगीता की कोर्ट ने जमानत मंजूर की है। उनका कहना है, कि ये हादसा करवाया गया है।