चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद राजनीतिक दलों ने अब डोर टू डोर संपर्क का फोन पर संवाद का सिलसिला चला रखा है। इससे पहले दोनों प्रमुख दलों की तरफ से ताबडतोड सभा की गई। अब इन सभा के असर को भांपने की कोशिश हो रही है। उप्र के मुखयंत्री योगी आदित्यनाथ ने मप्र की सभाओं में कहा कि सरकार बदलने से क्या परिवर्तन हो सकते हैं, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने दिखाया है। काशी विश्वनाथ धाम में पहले एक साथ पांच लोगों का जाना मुश्किल था। आज 50 हजार लोग भी चले जाएं, तो जगह की कमी नहीं होगी।

केदारनाथ धाम कांग्रेस के समय में तबाह हो चुका था, लेकिन मोदी सरकार ने उसका पुनरुद्धार कराया। उज्जैन में महाकाल महालोक बना है और अयोध्या में श्री राम का भव्य मंदिर तैयार है। उन्होंने पूछ कि कांग्रेस होती तो क्या देश से आतंकवाद और नक्सलवाद समाप्त हो पाते? कांग्रेस देश को सुरक्षा नहीं दे सकती, विकास और गरीब कल्याण के काम नहीं कर सकती।

योगी ने पन्ना के पवई और अशोकनगर में सभाओं को संबोधित किया वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आखिरी दिन करीब दर्जनभर स्थानों पर चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कुल 165 से भी ज्यादा विधानसभाओं में जनसभा को संबोधित किया है। इन तूफानी दौरों के अंतिम दिन बुधवार को भी शिवराज, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में सोहागपुर, पिपरिया, घोड़ाडोंगरी, खातेगांव, आष्टा, इछावर, भोजपुर, कुरवाई, भोपाल उत्तर, नरेला और हुजुर समेत 12 विधानसभाओं में जनता जनार्दन के बीच पहुंचे और संवाद किया। 

अंत में सीएम शिवराज ने भोपाल के कोलार से प्रदेशवासियों के नाम संदेश देते हुए संबोधित किया एवं सभी भाजपा प्रत्याशियों को जिताकर भाजपा सरकार बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैलाने वाली पार्टी, झांसे में मत आना। इन्होंने कहा था किसानों का कर्जमाफ कर देंगे लेकिन कर्जमाफी तो दूर उल्टा किसानों को डिफाल्टर बना दिया। इन्होंने कहा था कि, बेरोजगारों को भत्ता देंगे लेकिन एक धेला नहीं दिया।

वहीं कमलनाथ ने अपनी सभाओं में कहा कि हम किसानों का कर्ज फिर से माफ करेंगे, हमारी सरकार आने पर हम गेहूं के लिए 2600 रूपये और धान के लिए 2500 रूपये समर्थन मूल्य देंगे। हम बच्चियों के विवाह के लिए एक लाख एक हजार रूपये देंगे।