शुजालपुर पुलिस ने शराब पीने और अय्याशी करने के लिए मंदिरों से चोरी करने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने मगरनिया स्थित महालक्ष्मी माता मंदिर, फ्रीगंज शुजालपुर स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर और पिपलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटियां चुरा लीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए 20 हजार 289 रुपए भी बरामद कर लिए हैं।
शुजालपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर चकरोड गांव निवासी संतोष प्रजापति गांव से बाहर ले जाए जाने वाले टमाटर के लिए लोडिंग वाहन का काम करते हैं। संतोष ने अपने खेत के पड़ोसी दीपक मालवीय, गांव के संदीप पुरबिया के साथ मिलकर पहली चोरी की घटना को 15 अक्टूबर को अंजाम दिया था। इन लोगों ने मगरनिया स्थित महालक्ष्मी माता मंदिर से दान पेटी चोरी करने की घटना को अंजाम दिया था। पहली चोरी में इन लोगों को करीब 8000 रुपए मिले थे, जिससे उसने करीब 20 दिन तक शराब पी।
आरोपियों के पास पैसे खत्म हो गए, इसलिए उन्होंने शुजालपुर मंडी के फ्रीगंज स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर को चुना। मंदिर का ताला तोड़ने के लिए लोहे की रॉड इकट्ठी की गई और आरोपी संतोष प्रजापति के लोडिंग वाहन से दानपेटी लेने शुजालपुर पहुंचे।
तीन नवंबर की रात हनुमान मंदिर से दानपात्र चोरी हो गए और रुपये निकालने के बाद खाली पेटी को चकराड़ के पास जंगल में फेंक दिया गया था। इन दोनों ही घटनाओं में पुलिस को न तो कोई सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी और न ही आरोपियों का कोई सुराग ही मिल सका था।
आरोपितों ने हनुमान मंदिर से मिली करीब नौ हजार रुपये की राशि से भी मौज मस्ती की। पैसा खत्म होने पर उसने तीसरी घटना को अंजाम देने के लिए 21 नवंबर की रात शुजालपुर के फ्रीगंज स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर को चुना। पिपलेश्वर महादेव मंदिर में चोरी की घटना के दौरान चोरी में प्रयुक्त वाहन और तीनों आरोपियों की आवाजाही सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
पुलिस ने रास्ते में लगे कैमरों की जांच की और पाया कि वाहन के पिछले हिस्से का रंग नीला था। साथ ही CCTV फुटेज से ये भी पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों में ये एक पैर से विकलांग है।
इसी आधार पर आरोपियों का धर-पकड़ की गई। इसके बाद मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले इन आरोपियों को पुलिस पुरानी मंडी थाना परिसर स्थित हनुमान मंदिर ले आई। आरोपियों को 10 मिनट तक मंदिर के सामने उठक-बैठक करवाई। आरोपियों का सांकेतिक जुलूस भी निकाला गया। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।
करीब एक सप्ताह पूर्व शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने चोरी में प्रयुक्त लोडिंग वाहन के समान वाहन को जामनेर क्रासिंग के पास में CCTV के आधार पर पकड़ गया था। उन्होंने वाहन चला रहे युवक का मोबाइल नंबर लिया और थाने बुलाया। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की जिसके बाद आरोपी संतोष ने अपने लोडिंग वाहन से तीन मंदिरों में दानपात्रों की चोरी करने की बात कबूल की।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी एक ही गांव चकराड़ के रहने वाले हैं। संदीप पुरबिया 7वीं तक, दिलीप पाटीदार 8वीं तक, संतोष प्रजापत 9वीं तक और दीपक मालवीय 5वीं तक पढ़े हैं। चारों आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। संतोष प्रजापत ने बताया कि चोरी के लिए सिर्फ मंदिर को चुना गया था, क्योंकि ऐसा लग रहा था कि मंदिर में चोरी के बाद किसी ने ज्यादा जिम्मेदारी नहीं ली है।
शुजालपुर मंडी थाने पहुंचे शाजापुर पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर ने मंडी थाना प्रभारी संतोष वाघेला के साथ कांफ्रेंस कर गिरफ्तार आरोपियों के बारे में जानकारी दी। एसपी ने कहा, यह सराहनीय है कि शुजालपुर शहर में क्षेत्र की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाने का जनसहयोग का अभियान चल रहा है।