मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व अब युवा हाथों में है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पदभार ग्रहण करने के साथ ही सत्तापक्ष के खिलाफ न सिर्फ मुखर हो गए हैं बल्कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने सड़क पर भी दिखने की शुरुआत भी कर दी है।
दूसरी ओर जीतू पटवारी ने पार्टी में अपने विरोधी गुटों को भी साधने की कवायद शुरू कर दी है। उनकी नियुक्ति के बाद पार्टी के खास नेताओं के चहेतों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी थी लेकिन जीतू ने एक दांव से उनका टेंशन काम कर दिया है।
पार्टी में संशय को देखते हुए पटवारी ने बाकायदा आदेश निकाल दिया कि कि अभी वे संगठन में बदलाव नहीं करने जा रहे हैं। इसका असर यह रहा कि पार्टी में विरोधी खेमे के नेता और कार्यकर्ता भी पटवारी के साथ नज़र आने लगे हैं।
जीतू का विरोधियों को भी साधने के रूप में उठाया गया ये कदम कामयाब होता भी दिख रहा है। पार्टी में जीतू के विरोधी नेताओं के भी सुर अब बदलते नज़र आ रहे हैं। यही नहीं सांसदों के निलंबन के विरोध में भोपाल में कांग्रेस के प्रदर्शन में भी उनके विरोधी नेता पूरी तरह सक्रिय नज़र आये।