मध्यप्रदेश में अपने शूटिंग अनुभव साझा करते हुए मशहूर कलाकार पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लगता है जैसे चंदेरी शहर को 400-500 साल पहले फिल्म शूटिंग के उद्देश्य से ही बनाई गया हो सब कुछ एक आकर्षक फिल्म सेट की तरह बनाया गया है, जहां लोग रहते हैं। सुंदर आर्किटेक और अच्छे लोग काफी आत्मीय स्वागत होता है और आनंद आता है। उन्होंने फिल्म शूटिंग प्रणाली और व्यवस्थाओं को सहज बनाने के लिए पर्यटन और संस्कृति प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला को धन्यवाद भी दिया। पंकज त्रिपाठी चंदेरी में स्त्री, सुई धागा, जनहित में जारी नामक फिल्म कर चुके है।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान प्रमुख सचिव शुक्ला ने पंकज त्रिपाठी, राज कुमार संतोषी, विजय सेतुपति, दिव्या दत्ता सहित कई अन्य प्रसिद्ध बॉलीवुड कलाकारों, फिल्मकारों, निर्माता-निर्देशकों से मुलाकात कर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए आमंत्रित किया। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष ही भांति इस वर्ष भी मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने गोवा में चल रहे 54वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भाग लिया। 

बोर्ड ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हितधारकों को प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए प्रोत्साहित करने और फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के तहत दी जाने वाली सुविधाओं, रियायतों से अवगत कराने हेतु मध्य प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना- शासन की पहल और हितधारकों की भूमिका विषय पर एक नॉलेज सीरीज भी आयोजित की। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में पंकज त्रिपाठी एक्ट्रेस वाणी त्रिपाठी, फिल्म निर्माता एवं लेखक अमित राय शामिलहुए।

मध्यप्रदेश फिल्म पॉलिसी की खास बातें

• फिल्म परियोजनाओं की अनुमतियां लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल है। 15 कामकाजी दिवसों में  फिल्म शूटिंग की अनुमति का प्रावधान है।
• जिला स्तर पर फिल्म पर्यटन नीति क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक जिले में ADM स्तर के अधिकारी को फिल्मांकन अनुमति हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त हैं।
• सभी फिल्मांकन अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा है।