चक्रवाती तूफान मिचॉन्ग का आंशिक असर अब मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। जिसके चलते प्रदेश का मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है। प्रदेश में ग्वालियर समेत कई जिलों में भारी बारिश होनी की संभावना जताई जार रही है। राज्य के अधिकांश जिले अभी भी बादलों से घिरे हुए हैं। जिससे दिन के तापमान में गिरावट आ रही है। 

चक्रवाती तूफान मिचांग के कारण अनूपपुर बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, चंबल, भिंड, शिवपुरी, दतिया में बारिश हुई है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से प्रदेश में तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं रात के तापमान में इसका बहुत ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा है।
कहा जा रहा है, कि जैसे ही उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश में अपना असर दिखाना शुरू करेंगी तो कड़ाके की ठंड का असर महसूस होने लगेगा। फिलहाल 10 दिसंबर तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

मध्य प्रदेश मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल तीन तरह के वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। जिसके कारण हवा की दिशा बार-बार बदल रही है। जिसके कारण राज्य के अधिकांश जिलों में अभी भी बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश के मौसम में कोहरा भी लगातार लोगों की परेशानी का कारण बन रहा है। ग्वालियर चंबल रीवा सागर संभाग के जिलों में काफी कोहरा देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही उत्तर भारत से आने वाली हवाएं धीरे-धीरे राज्य में ठंड के मिजाज को गहरा कर रही हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, 10 दिसंबर के बाद एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा होगी। बादल छंटने के बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिलेगा। 15 दिसंबर के बाद राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर लौटने की संभावना है। मध्य प्रदेश मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के कुछ असर आज राज्य के जबलपुर डिवीजन, शहडोल डिवीजन और रीवा डिवीजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों में दिखाई देने की संभावना है।

प्रदेश के बालाघाट डिंडोरी मंडल अनुपपुर में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही राजस्थान की ओर से सक्रिय हुए एक अन्य सिस्टम के असर से रतलाम, नीमच और मंदसौर में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तर भारत से सटे ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना में हल्की बारिश और कोहरे के साथ तापमान में गिरावट होगी और उत्तर भारत से हवाएं चलेंगी। अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग मौसम प्रणाली सक्रिय होने से मौसम में बदलाव जारी रहेगा।