उज्जैन में नवनिर्मित महाकाल कॉरिडोर अब 'महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा। उज्जैन में आयोजित शिवराज सरकार की कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही क्षिप्रा नदी किनारे रिवर फ्रंट भी विकसित किया जाएगा जिससे उज्जैन का अलग रूप निखरेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर कहा कि मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास सहित जनता के कल्याण के लिए हमें विचार आया कि महाकाल महाराज की नगरी में बैठक की जाए। लगभग 200 वर्षो बाद ऐसा पहली बार मौका आया है कि सरकार सेवक के रूप में उज्जैन में बैठक कर रही है। आज हमारा पहला निर्णय यही है कि महाकाल परिसर 'महाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा।
सीएम शिवराज ने कहा कि महाकाल महाराज से प्रार्थना है कि वो सभी प्रदेशवासियों पर कृपा बरसाएँ, आशीर्वाद दें और भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को हमारा देश शाश्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन कराये, यही मंगल कामना है। महाकाल महाराज ही सरकार हैं, यहाँ के राजा हैं, इसलिए आज महाकाल महाराज की धरती पर हम सभी सेवक बैठक कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि हमने कल्पना की थी कि महाकाल महाराज के परिसर का विस्तार किया जाएगा। हमने प्रारम्भिक चरण में नागरिकों से चर्चा की, मंदिर समिति के सदस्यों से चर्चा की और उनके सुझावों को लेकर ही हमने योजना बनाई। एक साल में डीपीआर प्रस्तुत हुई। प्रथम चरण के टेंडर हमने चुनाव पूर्व 2018 में बुलाए। सरकार बदलने के कारण काम सुप्तावस्था में चला गया लेकिन हमने अपनी सरकार बनते ही इसकी समीक्षा की।
हमने इसके दो चरण तय किये, प्रथम चरण 351 करोड़ रुपये का था, फिर हमने द्वितीय चरण के लिए 310 करोड़ रुपये स्वीकृत किये। हमने कई मकान विस्थापित किये, उनको कष्ट न देते हुए 150 करोड़ रुपये की लागत से उन्हें विस्थापित किया। इसके साथ ही कई विकास के काम हमने किये हैं। रुद्रसागर को हमने पुनर्जीवित किया है। इसमें क्षिप्रा नदी का पानी रहेगा।
सीएम शिवराज ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी 11 अक्टूबर को प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे। सीएम ने बताया कि यहाँ दादा की सवारी निकलती है तो पुलिस बैंड भी निकलता है। हम महाकाल पुलिस बैंड प्रारंभ करेंगे जिनका उपयोग अनेक त्योहारों और पर्व पर किया जाएगा। इसमें 36 नये पदों का सृजन किया जाएगा।