कंझावला में 20 साल की युवती अंजलि के साथ हुई दरिंदगी के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारे सवाल उठ खड़े हो रहे हैं। सवाल पीड़िता की सहेली पर भी उठ रहे है और पुलिस पर भी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी गुत्थी सुलझने की बजाय उलझ गई है। 

पीड़िता अंजली की सहेली निधि को लेकर सवाल उठ रहे है कि वह कैसे इस हाल में अंजलि को छोड़कर जा सकती है। कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। अंजली चिल्लाती रही और निधि बस अपनी जान बच जाने पर वापस अपने घर जाकर चुपचाप सो गई। यहां तक कि उसने किसी को अंजलि के कार के नीचे फंसे होने या उसके एक्सीडेंट के बारे में किसी को कोई सूचना भी नहीं दी।

निधि का कहना है, कि अपने घर वालों को उसने पीड़िता के साथ हुए हादसे के संबंध में बताया था, लेकिन मामले से बचने के लिए निधि के घरवाले भी चुप रहे किसी ने सामने आकर किसी को भी अंजलि के संबंध में नहीं बताया।

हादसे को इतना समय गुज़र जाने के बाद भी पुलिस भी किसी एक मत या थ्योरी पर पहुंचने में नाकाम रही है। लड़की कहाँ से चली, किससे लड़ी, क्या-क्या खाया पिया सब इनवेस्टिगेशन हो गई। फुटेज, रिपोर्ट सब आ गया। लेकिन लड़के कहां से आ रहे थे, हादसे के बाद वे इतने समय तक कहां रहे इसके बारे में कोई तहकीक़ात नहीं की गई।

लड़कों का बस एक गाड़ी का यू टर्न लेते हुए अस्पष्ट सा वीडियो ही सामने आया है। इसके अलावा कोई डिटेल्स नहीं मिले हैं। कहां बैठकर उन्होंने शराब पी, कहाँ से चले थे, एक्सीडेंट के बाद किधर गए? क्य़ा राजधानी के किसी भी CCTV में वे रिकॉर्ड ही नहीं हुआ? पकड़ नहीं पाया? 

ये लापरवाही है या फिर पीड़िता के केस में लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है। अंजलि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शराब नहीं मिली। लेकिन उसकी दोस्त निधि ने दावा किया था कि अंजलि गाड़ी चलाते समय पूरी तरह से नशे में थी।

ऐसा भी कहा जा रहा है कि निधि झूठ बोल रही है। शायद निधि ही गाड़ी चला रही थी और नशे में थी और अंजलि गाड़ी के नीचे आ गई और निधि भाग गई और दूर से सबकुछ देखती रही। अब निधि का ये भी कहना है, कि कार में सवार लड़के ये भी जानते थे कि कार के नीचे लड़की फंसी हुई है। देखा जाए तो निधि के बयान अंजलि की पोस्टमार्टम के साथ तो बिलकुल भी नहीं मिलते। न ही निधि की कही गई बातें किसी के भी गले से इतनी आसानी से नीचे उतर रही हैं।

बुधवार को निधि के बयान पर अंजलि के परिवार की पहली प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही आई है। अंजलि की दादी कांता ने कहा, हमें निधि के बयान पर विश्वास नहीं होता, वह गलत बोल रही है। नए साल के शुरुआती घंटों में अंजलि की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और शहर की सड़कों पर वाहन के नीचे 12 किलोमीटर तक घिसटती चली गई थी।

कंझावला मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 304 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी मामले में कुछ भी सप्ष्ट नहीं हो पा रहा है। मामले की सच्चाई जो भी हो लेकिन अंजलि की दोस्त निधि के बयानों को लेकर काफी भ्रम पैदा हो गया है। लेकिन जो भी हो देर-सबेर मामले की सच्चाई तो सामने आनी ही चाहिए।