महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। यहां शिंदे समर्थक दो विधायकों रवि राणा और बच्चू कडू में तनाव जारी है। कहा जा रहा है कि कडू ने चेतावनी दी गई है कि वो जल्दी कोई 'फैसला' ले सकते हैं। साथ ही खबर ये भी है कि वे अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं।
बडनेरा से निर्दलीय विधायक राणा दावा कर रहे हैं कि प्रहार जनशक्ति पार्टी के कडू ने शिंदे का समर्थन करने के लिए रुपये लिए हैं। अब कडू ने चेतावनी दे दी है कि राणा के आरोपों पर सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस अगर इस पर जवाब या राणा के आरापों को साबित करने के लिए सबूत नहीं देते हैं, तो वह 8 अन्य विधायकों के साथ फैसला ले लेंगे।
उन्होंने कहा, 'कि हम पर निजी हमले किए जा रहे हैं, कि मैं रुपयों के लिए गुवाहाटी गया। केवल मैं ही नहीं था, जो गुवाहाटी गया था, 50 विधायक और भी थे। इस मुद्दे पर शिंदे और फडणवीस को संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि अगर आपका समर्थन करने पर आपके ही समर्थक विधायक की तरफ से ऐसे सवाल उठ रहे हैं, तो यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है।'
कडू ने दावा किया है कि इसके जरिए उनकी ही नहीं, बल्कि शिंदे और फडणवीस की छवि खराब की जा रही है। उन्होंने कहा, 'केवल मेरी छवि खराब नहीं हो रही है, लोग पूछ रहे हैं, कि सीएम और डिप्टी सीएम ने मुझे कितने रुपये दिए। 50 विधायक विकास के मुद्दे पर शिंदे के साथ जुड़े थे और अब इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, कि हमने रुपए लिए थे। इस पर स्पष्टीकरण होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो 1 नवंबर तक हम अलग फैसला ले लेंगे।'
उन्होंने कहा कि 8 और विधायक आरोपों से दुखी हैं और सभी 1 नवंबर को फैसला लेंगे। कड़ू ने दावा किया कि वे इसे लेकर कोर्ट जाएंगे और शिंदे और फडणवीस को प्रतिवादी बनाएंगे।
दोनों विधायकों के बीच तनाव नया नहीं है। कहा जाता है कि इसकी जड़ें अमरावती में वर्चस्व से जुड़ी हैं। खास बात है कि राणा की पत्नी नवनीत यहां से सांसद हैं। खबरें हैं कि सीएम भी दोनों विधायकों में सुलह की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसे लेकर कोई सफलता नहीं मिली है।