भोपाल: राज्य सरकार ने वनोपज के परिवहन के लिये 22 साल बाद नये नियम जारी किये हैं। इन्हें मप्र अभिवहन वनोपज नियम 2022 नाम दिया गया है। इससे पहले वर्ष 2000 में नियम जारी किये गये थे जिसमें बाद में कुछ संशोधन भी किये गये थे।

नये नियमों के अनुसार, अब राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर वनोपज के परिवहन हेतु ऑनलाईन टीपी जारी की जायेगी तथा बिना इसके परिवहन नहीं किया जा सकेगा। जिन वनोपज को परिवहन से छूट प्राप्त है उनके लिये भी एनओसी ऑनलाईन जारी की जायेगी। टीपी या एनओसी वन अधिकारी या ग्राम पंचायत द्वारा जारी की जायेगी। टीपी या एनओसी जारी करने के लिये निर्धारित फीस भी ली जायेगी।

घरेलू उपयोग के लिये हटाई जाने वाली वनोपज या निजी भूमियों के वृक्षारोपण जिनकी सूचना काष्ठ उत्पादक द्वारा ऑनलाईन दर्ज की गई है, के लिये टीपी या एनओसी नहीं नहीं लेनी होगी। टीपी 30 दिन के अंदर तथा एनओसी सात दिन के अंदर पोर्टल पर जनरेट की जायेगी जिसमें क्यूआर कोड भी होगा। काष्ठ के राज्य के अंदर आवागमन हेतु उस पर अभिवहन चिन्ह भी लगाया जायेगा। वनोपजों को दिन के प्रकाश में ही हटाया जा सकेगा।

इसके अलावा, वनोपजों के आयात हेतु पंजीयन की भी व्यवस्था की गई है तथा डीएफओ 30 दिन के अंदर पंजीयन प्रमाण-पत्र देगा जो पांच साल तक विधिमान्य रहेगा। नियम भंग करने पर एक वर्ष की जेल या दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकेगा। बिना टीपी या एनओसी के परिवहन करने के पहले बार अपराध करने पर दस हजार रुपये या वाहन के मूल्य जो भी अधिक हो वसूलकर उसका प्रशमन किया जा सकेगा।