भोपाल: राज्य सरकार बारह साल बाद नया किरायेदारी एक्ट लागू करेगी। राज्य के इतिहास में यह तीसरा किरायेदारी कानून होगा। 61 साल पहले मप्र स्थान नियंत्रण एक्ट 1961 बना था जिसमें कमियां देख इस एक्ट को खत्म कर वर्ष 2010 में मप्र परिसर किरायेदारी एक्ट बनाकर लागू किया गया जो अभी लागू है, परन्तु अब इसे भी खत्म किया जा रहा है और नया किरायेदारी एक्ट लाया जा रहा है।
दरअसल केंद्र सरकार ने दो साल पहले आदर्श किरायेदाी अधिनियम 2020 जारी किया है तथा इसी के आधार पर अब राज्य सरकार अपना तीसरा नया किरायेदारी एक्ट ला रही है। इस नये एक्ट के प्रावधानों के संबंध में राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग ने 20 जुलाई 2022 को प्रारुप जारी किया था जिस पर आम लोगों से 16 अगस्त 2022 तक दावे एवं आपत्तियां मांगी गई थीं। चूंकि अब दावे एवं आपत्ति देने की अवधि खत्म हो गई है, इसलिये राज्य सरकार नया एक्ट लागू करने जा रही है। केबिनेट की स्वीकृति के बाद इसका विधेयक विधानसभा सत्र में रखा जायेगा।
नये एक्ट में आठ अध्यायों के अंतर्गत कुल 47 धारायें रखी गई हैं। नया एक्ट केन्द्र या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण या किसी सरकारी उपक्रम या उद्यम या किसी कानूनी निकाय के स्वामित्वाधीन या उसके द्वारा संवर्धित किसी परिसर एवं किसी कंपनी, विश्वविद्यालय या संगठन के स्वामित्वाधीन किसी परिसर को अपने कर्मचारियों को सेवा संविदा के एक भाग के रुप में दिये गये परिसरों, धार्मिक या पूर्त संस्थाओं के स्वमित्व में परिसर तथा वक्फ एक्ट 1995 के अधीन रजिस्ट्रीकृत न्यास के स्वामित्व वाले परिसर पर लागू नहीं होगा। नये एक्ट के तहत, किरायेदारी अनुबंध को आनलाईन दर्ज कराना होगा तथा किरायेदार से परिसर खली कराने के लिये किराया न्यायालय एवं किराया अधिकरण गठित होगा।