भोपाल: प्रदेश के ऐसे बड़े नगर निगम जिनकी जनसंख्या दस लाख से ज्यादा है जैसे भोाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, अब उनमें छह के बजाये 12 एल्डरमेन राज्य सरकार मनोनीत कर सकेगी। जिन नगर निगमों की संख्या दस लाख से कम है वहां भी छह के स्थान पर आठ एल्डरमेन नियुक्त हो सकेंगे। यह नया प्रावधान कानूनन लागू हो गया है। इसके लिये राज्य सरकार ने विधानसभा के गत वर्षाकालीन सत्र में मप्र नगर पालिका विधि द्वितीय संशोधन विधेयक पारित किया था जिसे अब राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।
उक्त कानून में पहले सभी नगर निगमों में छह ही एल्डरमेन नियुक्त करने का प्रावधान था जिसे अब संशोधित कर दिया गया है। इसी प्रकार, अब नगर पालिकाओं में चार के स्थान पर छह तथा नगर परिषदों में 2 के स्थान पर 4 एल्डरमेन नियुक्त किये जा सकेंगे।
संशोधित कानून में यह प्रावधान पूर्ववत रखा गया है कि एल्डरमेन नियुक्त होने के लिये व्यक्ति के पास नगर प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव रखना जरुरी होगा तथा वे ही व्यक्ति एल्डरमेन बन सकेंगे जो उसी नगरीय निकाय में निवास करते हैं तथा पार्षद के रुप में निर्वाचन के लिये अन्यथा अपात्र नहीं हैं।
राज्य सरकार उक्त नये कानूनी प्रावधान के लिये अब नये नियम भी बनायेगी। संशोधित कानून के उद्देश्य में कहा गया है कि वर्तमान में नगरीय निकायों के क्षेत्र, वार्ड, जनसंख्या और उत्तरदायित्वों में कई गुना वृध्दि हो गई है, इसलिये एल्डरमेनों की संख्या को बढ़ाया गया है।