भोपाल: अब बाल विवाह करने पर लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यह नया प्रावधान विधानसभा के गत वर्षाकालीन सत्र में पारित मप्र लाड़ली लक्ष्मी बालिका प्रोत्साहन संशोधन विधेयक को राज्यपाल द्वारा स्वीकृति प्रदान करने से कानून के रुप में लागू हो गया है।

दरअसल यह योजना वर्ष 2007 से संचालित है तथा वर्ष 2018 में इसे पहली बार कानूनी रुप दिया गया  लेकिन इसमें प्रावधान किया गया था कि हितग्राही कन्या को एक लाख रुपये की रकम का भुगतान 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर किया जायेगा।

लेकिन अब इस प्रावधान को बदल दिया गया है तथा रकम के भुगतान के लिये शर्त डाल दी गई है कि कन्या को कक्षा 12 वीं की परीक्षा में उपस्थित होना पड़ेगा और यदि वह विवाहित है तो ऐसा विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में दी गई न्यूनतम आयु (18 वर्ष) पूर्ण करने के पश्चात होना जरुरी होगा तभी कन्या को 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर एक लाख रुपये की रकम का भुगतान किया जायेगा। जाहिर है, अब यदि किसी कन्या हितग्राही ने 18 वर्ष से कम आयु में विवाह कर लिया है तो उसे इस योजना के तहत एक लाख रुपये की रकम का भुगतान नहीं किया जायेगा।

इसी प्रकार, पहले राज्य सरकार उक्त योजना के तहत हितग्राही कन्या के कक्षा छठवीं में प्रवेश लेने पर 2 हजार, कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने पर 4 हजार, कक्षा 11 वीं में प्रवेश लेने पर 6 हजार और कक्षा 12 वीं में प्रवेश लेने पर भी 6 हजार रुपये का भुगतान करती थी परन्तु अब संशोधित कानून के अनुसार, कक्षा 12 वीं के पश्चात स्नातक या न्यूनतम दो वर्ष की अवधि के व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये की राशि का भी भुगतान किया जायेगा। यह 25 हजार रुपये पाठ्यक्रम अवधि के प्रथम तथा अंतिम वर्ष में दो बराबर किश्तों में अदा किया जायेगा। इसके लिये वर्तमान वर्ष 2022-23 के बजट में 921 करोड़ रुपयों का प्रावधान भी किया गया है।