भोपाल: राज्य सरकार ने स्वीकृत क्षेत्र से अधिक क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों के लिये प्रशमन यानि समझौता शुल्क लेकर विनियमित करने का नया प्रावधान कर दिया है। इसमें 30 प्रतिशत अवैध निर्माण के प्रशमन का प्रावधान रखा गया है परन्तु पहले दस प्रतिशत अधिक निर्माण पर अलग दर होगी एवं शेष 20 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण के लिये टीडीआर यानि हस्तांतरणीय विकास अधिकार का क्रय करना जरुरी होगा।
राज्य सरकार ने प्रशमन के लिये दो केटेगरी बनाकर नये सिरे से प्रशमन शुल्क की दरें तय कर दी हैं। पहली केटेगरी में ऐसे भवन जो आवासीय, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक या स्वास्थ्य के लिये उपयोग में हों अथवा उपयोग के लिये आशयित हों, को रखा गया है जिसमें दस प्रतिशत से कम अवैध निर्माण पर अनुज्ञा के शुल्क के पांच गुना के बराबर राशि लेकर उसका विनियतीकरण किया जायेगा जबकि दस प्रतिशत तक अवैध निर्माण पर भूमि के बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत के बराबर शुल्क लेकर विनियतीकरण किया जायेगा।
इसी प्रकार दूसरी केटेगरी में ऐसे भवन जो वाणिज्यिक, व्यापार, औद्योगिक, सिनेमा गृह, होटल अथवा मिश्रित भूमि उपयोग में हों अथवा उपयोग के के लिये आशयित हों, को रखा गया है जिनमें 10 प्रतिशत से कम अवैध निर्माण पर अनुज्ञा शुल्क के छह गुना के बराबर प्रशमन शुल्क लिया जायेगा और दस प्रतिशत तक अवैध निर्माण पर भूमि के बाजार मूल्य के 15 प्रतिशत के बराबर प्रशमन शुल्क लिया जायेगा।
इन दोनों ही केटेगरी में दस प्रतिशत से अधिक परन्तु 30 प्रतिशत तक अवैध निर्माण पर टीडीआर क्रय कर देने एवं प्रशमन करने का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि टीडीआर में व्यक्ति को उसकी भूमि या भवन किसी सडक़ या सार्वजनिक परियोजना में आने पर उसे अतिरिक्त एफएआर वाला टीडीआर दिया जाता है जिसे वह कहीं भी उपयोग कर सकता है या उसे बेच भी सकता है।