भोपाल: जंगल महकमे के विथीकाओं में वन विकास निगम के अध्यक्ष राम निवास रावत का पत्र सुर्खियों में है। रावत ने वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन को पत्र लिखकर कहा है कि निगम के एमडी की पोस्टिंग पहले मेरी सहमति लें। उल्लेखनीय है कि मौजूदा एमडी एचयू खान जुलाई में सेवानिवृत होने जा रहें हैं। 

वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत का पत्र आईएफएस अफसरों के बीच चर्चा के केंद्र बिंदु में है। राज्य सरकार द्वारा वन विकास निगम के एमडी की पोस्टिंग की जाती है। निगम के एमडी के चयन में वन बल प्रमुख की कोई विशेष भूमिका नहीं होती है। मौजूदा राज्य सरकार मेरिट कम सीनियरिटी अथवा बेस्ट कम परफार्मेन्स के आधार पर आईएफएस की एमडी के पद पर पोस्टिंग करती है। फारेस्ट के शीर्ष अफसर मानते हैं कि ऐसे में वन विकास निगम के अध्यक्ष राम निवास रावत द्वारा वन बल प्रमुख सेन को लिखा गया पत्र अप्रसांगिक है। रावत पहले ऐसे अध्यक्ष हैं, जिन्होंने एमडी के चयन में अपनी भूमिका को निहित करने की कोशिश की है। 

जिन्हें आरोप पत्र देने के निर्देश थे, उन्हें डीएम बना दिया

पिछले दिनों निगम ने एक आदेश जारी कर भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ एसडीओ उमाकांत पाण्डेय को डिवीज़नल प्रबंधक विदिशा के पद पर पदस्थ किया है। सूत्रों ने बताया कि पाण्डेय का चयन निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत के दबाव में किया गया। 

इन्हीं सूत्रों की माने तो चार माह पहले निगम के एमडी एचयू खान ने तत्कालीन एएमडी अर्चना शुक्ला की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीओ उमाकांत पाण्डेय के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। आरोप पत्र तो अब तक नहीं बना पर उन्हें डीएम विदिशा के पद पर पदस्थ कर दिया गया। पाण्डेय पर आरोप है कि खंडवा डिवीज़न में सागौन रूटशूट लगाने के लिए बिना अनुमति गड्डे खोद कर उसका भुगतान कर दिया।