मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक्शन मोड में नज़र आ रहे हैं। शाजापुर में ट्रक डाइवर्स के साथ अभद्रता मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लेते हुए शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को निलंबित कर दिया।

सीएम यादव के इस कदम को जमकर सराहा जा रहा है। वहीं प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने भी सीएम के फैसले की तारीफ़ करते हुए उनके इस कदम को सराहनीय बताया है। साथ ही एक तीर से दो शिकार करते हुए सिंगार ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने अपने X हैंडल पर क पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल को एक ड्राइवर भाई की औकात दिखाने पर उनके पद हटाया जाना अच्छी बात है! लोकतंत्र में जनता से उसकी औकात पूछने का अधिकार नौकरशाहों को नहीं है! जनता सर्वोपरि थी, सर्वोपरि है और हमेशा रहेगी! शाजापुर कलेक्टर को 'औकात' पूछने की सजा दी जाना सही फैसला है।

उन्होंमे आगे लिखा कि शिवराज-राज के बेलगाम कलेक्टरों को एक-एक करके निपटाया जाना गलत भी नहीं है! गुना कलेक्टर को बस हादसे की सजा मिली तो शाजापुर कलेक्टर को भरी मीटिंग में अपनी ताकत दिखाने की! गंदगी के खिलाफ स्वच्छता अभियान तो चलना ही चाहिए!

गौरतलब है कि शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। वीडियो में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल हड़ताली ड्राइवर्स से बात करते नज़र आ रहे थे। तभी उन्होंने गुस्से में आकर एक ड्राइवर से अभद्रता की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि तुम्हारी क्या औकात है? ड्राइवर ने इस पर जवाब देते हुए कहा था कि हम हमारी औकात के लिए ही लड़ाई लड़ रहे हैं।

बवाल होने के बाद कलेक्टर कन्याल ने एक वीडियो जारी करके माफी भी मांगी थी। जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी इंटेंशन किसी को आहत करने की नहीं थी। आपको बता दें हाल ही में प्रदेश के गुना में डंपर से टक्कर के बाद यात्री बस में आग लग गई थी। मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुना कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय कुमार खत्री के साथ ही परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा को हटा दिया। RTO रवि बरेलिया को सस्पेंड कर दिया था। वहीं फायर ब्रिगेड देर से पहुंचने के कारण CMO (चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर) बीडी कतरोलिया को भी सस्पेंड कर दिया था।