भोपाल: प्रदेश के मालवांचल के लिए प्रस्तावित महत्वाकांक्षी नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना के दूसरे चरण में अब तक ढाई प्रतिशत ही काम हो पाया है। एनवीडीए के अनुसार, अनुबंध अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की समयावधि 18 फरवरी 2024 है।

परियोजना के द्वितीय चरण की प्रशासकीय स्वीकृति राशि 4407.52 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य टर्न-की पद्धति से मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैदराबाद से अनुबंधित है। वर्तमान तक लगभग 2.5 प्रतिशत भौतिक एवं लगभग 1.60 प्रतिशत वित्तीय प्रगति हुई है।

उल्लेखनीय है कि दो चरणों में पूरी होने वाली उक्त परियोजना से देवास, शाजापुर, सीहोर और राजगढ़ जिले के 366 गांवों की 2 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होंगी। इससे जिले के 167 गांवों में सीधे इंदिरा सागर का पानी पहुंच जाएगा। परियोजना के पहले चरण की प्रशासकीय स्वीकृति 3489.82 करोड़ रुपये थी।

इंदिरा सागर का पानी सीधे कालीसिंध के उद्गम स्थल बागली (देवास) लाया जाएगा। यहां से पाइप लाइन के जरिये देवास होते हुए शाजापुर जिले में पहुंचेगा। शाजापुर में कालीसिंध के साथ ही शाजापुर की चीलर और लखुंदर नदी को भी इससे जोड़ दिया जाएगा। इन तीनों नदियों के बीच में सीधे 167 गांवों को भी इसी लाइन से जोड़ा जाएगा। योजना के मुताबिक जरूरत पडऩे पर बड़े नदी-नालों में भी पानी पहुंचाया जाएगा।