नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियमों तथा परंपराओं की जानकारी एवं प्रशिक्षण के लिए आयोजित कार्यक्रम प्रबोधन और प्रशिक्षण की मंगलवार को शुरुआत हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज विधानसभा के मानसरोवर सभागार में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी निर्वाचित सदस्य विधानसभा में आने के बाद निश्चित रूप से दोहरी भूमिका में रहते हैं। विधानसभा का दायित्व तो रहता ही है, साथ ही प्रदेश की बेहतरी का दायित्व भी हम सभी पर होता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि 'प्रबोधन' और 'प्रशिक्षण' कार्यक्रम के माध्यम से नव-निर्वाचित सदस्यों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, संसदीय प्रक्रिया, कार्य संचालन के नियमों तथा परंपराओं की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। प्रबोधन कार्यक्रम प्रशिक्षण का अगला चरण है। प्रबोधन का अर्थ है कि प्रशिक्षण के पहले संबंधित विषय में डूब जाना, अपने आचरण और व्यवहार को उस विषय में एकाकार कर लेना, जिसका हमें प्रशिक्षण प्राप्त करना है।
प्रबोधन को लेकर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जब पहली बार संसद पहुंचे थे, तो लोकतंत्र के पावन मंदिर का उन्होंने शीश झुकाकर जो सम्मान किया, उससे बड़ा प्रबोधन आज के लोकतंत्र का कुछ और नहीं हो सकता है। आज की इस पाठशाला का हर सत्र जीवन का नया पाठ बने, इस भावना के साथ 'प्रबोधन कार्यक्रम' में आप सभी का वंदन और अभिनंदन करता हूं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष माननीय नरेन्द्र सिंह तोमर जी ने विधानसभा को आधुनिक संसाधनों के साथ आगे बढ़ाने की जो बात कही है, मैं विश्वास दिलाता हूं कि मध्यप्रदेश सरकार आपकी बात का पूर्ण समर्थन करते हुए हमेशा आपके साथ खड़ी रहेगी।