अब जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद पटवारी को उसका नामांतरण करना पड़ेगा। इसमें लापरवाही करने वाले पटवारियों और जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मध्‍यप्रदेश के सीएम  डॉ. मोहन यादव ने यह ऐलान किया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार (19 दिसंबर) को पांढुर्णा में  आयोजित  “जनसंवाद कार्यक्रम” में यह ऐलान किया। उन्‍होने कहा कि इस नियम की बहुत ज्यादा ही जरूरत थी, क्योंकि रजिस्ट्री के बाद लोग कई  महीने तक नामांतरण के लिए भटकते रहते थे।

सीएम ने कहा कि, जब भी आप जमीन की रजिस्ट्री करवाएंगे, उसके ठीक 15 दिन के अंदर ही अपने आप नामांतरण हो जाएगा। इसके लिए आपको अब भटकना नहीं पड़ेगा। 1 जनवरी 2024 से सभी नियमों में बदलाव हो जाएंगे।

उन्होने कहा कि रजिस्ट्री करवाने के बाद नामांतरण में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी जैसे कई मामले समाने आते हैं। लेकिन अब इसकी कोई गुंजाईश नहीं रहने दूंगा। अब जनता को इस समस्या से निजात मिलेगी। दफ्तरों की चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम और प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग की विधानसभा के समिति कक्ष में हुई बैठक में कहा कि नियम स्पष्ट और सरल हों, जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके और उसे कोई परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति जीवन में एक बार मकान बनाता है, अत: बिल्डिंग परमिशन आदि की व्यवस्था ऐसी की जाएं, जिससे वह परेशान न हो और निर्धारित समय-सीमा में कार्य हो। नगरीय निकायों से नक्शे जल्दी पास कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। भवन अनुज्ञा से संबंधित सॉफ्टवेयर का आंकलन कर यह ज्ञात करें कि वर्तमान में औसतन कितने दिनों में भवन अनुज्ञा जारी की जा रही है।  बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।